Friday , July 10 2026

आरएमएलआई में नि:शुल्क बीएमडी-डेक्सा स्कैन शिविर में जांची गयी हड्डी की मजबूती

-इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ पेन के स्थापना दिवस पर आयोजित हुआ शिविर

सेहत टाइम्स

लखनऊ। क्रोनिक पेन रोगियों के कल्याण के लिए पेन फिजिशियन चिकित्सकों की संस्था इंडियन सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ पेन (आईएसएसपी) के स्थापना दिवस के अवसर पर डॉ राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट (आरएमएलआई) में आज 9 जुलाई को हड्डी की मजबूती की जांच के लिए नि:शुल्क बीएमडी-डेक्सा (Bone Mineral Density-Dual-Energy X-ray Absorptiometry) स्कैन शिविर का आयोजन किया गया। बायोएलीट लाइफ साइंसेज के सहयोग से पेन मेडिसन ओपीडी में आयोजित इस शिविर में 100 से अधिक रोगियों के हड्डियों की मजबूती की जांच निःशुल्क की गयी। ज्ञात हो इस स्कैन से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी का शुरुआती स्तर पर पता लगाया जा सकता है।

क्रोनिक पेन के रोगियों के लिए ‘पेन मेडिसन विद्या’ एक वरदान

आईएसएसपी के मानद राष्ट्रीय सचिव, प्रो डॉ अनुराग अग्रवाल, ने बताया कि किसी भी प्रकार के क्रोनिक पेन के रोगियों के लिए ‘पेन मेडिसन विद्या’ एक वरदान की भांति है। आईएसएसपी ने क्रोनिक पेन के रोगियों के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है, जिसमें देश भर के क्रोनिक पेन के रोगी, अपने शहर के ‘पेन फिजिशियन डॉक्टरों’ से संपर्क कर सकते हैं।

विभिन्न रोगों से उत्पन्न दर्द का विश्वस्तरीय इलाज

पेन मेडिसन यूनिट की इंचार्ज, प्रो डॉ शिवानी रस्तोगी ने बताया कि डॉ राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान, लखनऊ की “पेन मेडिसन एमआईपीएसआई लैब”, पूरे भारतवर्ष में अग्रणी स्थान रखती है और सभी प्रकार के क्रोनिक पेन (रीढ़ तथा कमर दर्द, घुटने दर्द, स्लिप डिस्क, ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया, कैंसर दर्द, ऑस्टियोपोरोसिस, ऑस्टियोआर्थराइटिस आदि सभी रोगों) के रोगियों का विश्वस्तरीय उपचार, बिना बढ़े ऑपरेशन के सूक्ष्म विधि (रेडियो आवृत्ति,काइफोप्लास्टी, स्पाइन एंडोस्कोपी, पेन बायोलॉजिकल थेरेपी आदि के माध्यम से) सफलता से किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि डॉ राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान, लखनऊ द्वि’वर्षीय एफएनबी पेन मेडिसिन पाठ्यक्रम शुरू करने वाला न केवल शहर का, अपितु उत्तर भारत का पहला सरकारी संस्थान है। प्रो रस्तोगी ने इस उपलब्धि के लिए संस्थान के निदेशक प्रो.सी एम सिंह, संस्थान प्रशासन तथा विभागाध्यक्ष डॉ. पी.के. दास सहित पूरे एनेस्थिसियोलॉजी विभाग का धन्यवाद किया।