Sunday , November 30 2025

बीकेटी के आरएसएम संयुक्त चिकित्सालय में अब कैंसर की जांचें भी शुरू

-150 से ज्यादा की जा रहीं नि:शुल्क जांचों का लाभ लखनऊ व आसपास के जिलों के मरीजों को मिल रहा

-11 माह में हुईं 15 लाख पैथोलॉजी जांचें, सभी भर्ती मरीजों की व ओपीडी के 90 फीसदी मरीजों की होती हैं जांचें

_____________________________________________________डॉ वीके शर्मा______________

सेहत टाइम्स

लखनऊ। राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय साढ़ामऊ, सीतापुर रोड लखनऊ में कैंसर से जुड़ी तकरीबन आधा दर्जन जांचें शुरू हो गई हैं। इसमें सर्वाइकल से लेकर पेट के दूसरे कैंसर का पता लगाना आसान हो गया है। कैंसर की जांच शुरू होने से राजधानी एवं इससे जुड़े जनपदों के लाखों लोगों को फायदा होगा।

आरएसएम हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीके शर्मा ने बताया कि लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल को छोड़ किसी भी सरकारी अस्पताल में कैंसर जांच की सुविधा नहीं है। यहां कैंसर से जुड़ी जांच शुरू हो जाने से लखनऊ सहित सीतापुर, लखीमपुर, बाराबंकी, उन्नाव व हरदोई के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। इस अस्पताल में लगभग 150 प्रकार की पैथोलॉजी जांचें पहले से ही हो रही हैं। अभी यहां पर 156 बेड हैं। ज्यादातर बेड हमेशा भरे रहते हैं। ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1200 मरीज आ रहे हैं। ओपीडी के 90 प्रतिशत मरीजों को खून की जांचें लिखने की जरूरत पड़ती है। वहीं, अस्पताल में भर्ती 100 प्रतिशत मरीजों की खून जांच कराई जाती है।

शुरुआती अवस्था में लग जाएगा कैंसर का पता

अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि पैथोलॉजी में मरीजों को मुफ्त जांच की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुसार पैथोलॉजी को विस्तार दिया गया है। ग्रामीणों में कैंसर का पता लगाने के लिए आधा दर्जन से अधिक जांचें शुरू की गई हैं। इसमें पैप स्मीयर, सीए 125, सीए 19.9 व बीटा एचसीजी मार्कर शामिल है। बीटा एचसीजी जांच गर्भावस्था में कराई जाती है, लेकिन महिलाओं में खास प्रकार के कैंसर कोरियो कॉर्सिनोमा का पता लगाने में भी यह मार्कर कारगर है। उन्होंने बताया कि कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए कैंसर के लक्षण के आधार पर जांचें शुरू कराई गई हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में भी की जा सके।

विगत 11 माह में हुईं 15 लाख जांचें

डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि थायराइड, थैलीसीमिया, आयरन प्रोफाइल, विटामिन डी, बी-12, कॉर्डियक मार्कर, ऑपरेशन से पहले की जानी वाली वायरल मार्कर, कल्चर सेंस्टीविटी, सीबीसी, हार्मोन समेत दूसरे टेस्ट की सुविधा भी अस्पताल में शुरू करा दी गई है। 11 माह में पैथोलॉजी विभाग में करीब 15 लाख से अधिक खून की जांचें की हैं।
राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय में जनवरी, 2024 से नवंबर 2024 तक कुल 7,33,000 पैथालॉजी जांचें हुई थीं। इस वर्ष जनवरी, 2025 से नवंबर, 2025 तक कुल 1,53,0000 जांचें की गई l गर्मियों के दिनों में प्रतिदिन 11000 जांचें और सर्दियों में लगभग 6000 जांचे प्रतिदिन की जाती है।

इस चिकित्सालय में “स्पोक और हब” मॉडल पर पैथोलॉजी लैब जिसका शुभारंभ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा 3 मई को किया गया था। इसमें लखनऊ के आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों बीकेटी, इटौंजा, अलीगंज, गुड़म्बा, माल, मलिहाबाद, काकोरी व जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर से खून के नमूने लेकर जांच की जाती है।

ये होती हैं उच्च स्तरीय जांचें

CA125 – ओवेरियन कैंसर के लिए
CA19.9 – पैंक्रियाटिक कैंसर के लिए
LH, FSH, प्रोलैक्टिन – रिप्रोडक्टिव हॉर्मोन के लिए
PSA – प्रोस्टेट कैंसर के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट
बीटा HCG – गर्भावस्था की पुष्टि के लिए
इंसुलिन टेस्ट – खून में इंसुलिन की मात्रा मापें
CK-MB, TROPONIN-I – कार्डियक प्रोफाइल
Iron प्रोफाइल, विटामिन, विटामिन B12 ,
वायरल मार्कर (HIV, HCV, HbsAg) – केमिलुमिनसेंस इम्यूनोएसे (CLIA) द्वारा
पैप स्मीयर, urine कल्चर व अन्य सभी रूटीन जांचें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.