एक लाख में जो काम KGMU में नहीं हुआ, बलरामपुर अस्पताल में 16 हजार में हो गया


लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल में एक ऐसे मरीज की साल भर पहले टूटी हड्डी को जोड़ा गया है जिसकी वजह से संक्रमण होने के कारण उसके पैर काटने की नौबत आ गई थी। इस समय मरीज ठीक हालत में है, उसकी हड्डी भी जुड़ गई है।
इस बारे में जानकारी देते हुए बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ राजीव लोचन ने बताया कि हरदोई का रहने वाले 25 वर्षीय युवक अर्पित को बाएं पैर में कंपाउंड फ्रैक्चर हो गया था इसके बाद उसने केजीएमयू में ऑपरेशन कराया। उन्होंने बताया कि करीब एक लाख रुपये खर्च होने के बाद भी मरीज के पैर की हड्डी नहीं जुड़ी बल्कि हड्डी में संक्रमण की बीमारी osteomyelitis हो गई जिसकी वजह से हड्डियों से बराबर पस निकल रहा था।

उन्होंने बताया यह मरीज बलरामपुर अस्पताल पैर कटवाने के लिए आया था। यहां के हड्डी विशेषज्ञ डॉक्टर जी पी गुप्ता ने केस देखा तो उन्हें लगा कि यह मरीज ठीक हो सकता है। किसी तरह मरीज को समझा-बुझाकर ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया।
ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले रेल फिक्सेटर जो कि ₹25000 का आता है उसे ₹16000 में दिलवाया गया इसके बाद बीती 11 मई को मरीज का ऑपरेशन किया गया जो कि सफल रहा।
एक बड़ी दिक्कत यह थी कि मरीज का पस निकलने से रोकना था और Polymixin B इंजेक्शन छोड़कर बाकी सब तरह की एंटीबायोटिक से मरीज रेसिस्टेंट हो चुका था। Polymixin B के एक इंजेक्शन की कीमत 1567 रुपए है अन्य दवाओं के साथ इस मरीज के 10 इंजेक्शन 15670 रुपए के लगाए गए जो कि अस्पताल की तरफ से उसे फ्री दिए गए। अब मरीज पूरी तरह से चलने फिरने लायक हो गया है और बहुत खुश है।

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