-1911 के पहले बैच से अब तक अनवरत जारी है चिकित्सक तैयार करने का सिलसिला
-केजीएमयू का 117वां दीक्षांत समारोह मनाया गया, 55 और मेधावियों को सम्मान

सेहत टाइम्स
लखनऊ। माह अक्टूबर वर्ष 1911 में 31 एम0बी0बी0एस0 छात्रों के पहले बैच से शरू हुआ किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (पूर्व में केजीएमसी) का सफर आज 2022 में अनवरत जारी है। संस्थान ने तब से 30,000 से अधिक पूर्व छात्रों को चिकित्सक बनाने का कार्य किया, जॉर्जियंस के नाम से मशहूर ये चिकित्सक इस कॉलेज के गौरव हैं और भारत और दुनिया भर में चिकित्सा पेशे की सेवा कर रहे हैं।
ये उद्गार केजीएमयू के कुलपति ले ज डॉ बिपिन पुरी ने रविवार को केजीएमयू के 117वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि गांधी मेमोरियल एवं सम्बद्ध अस्पतालों में 4000 से अधिक कार्यात्मक बेड हैं, और पूर्व से लेकर अब तक यहां आने वाले मरीजों के लिए उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने पिछले साल की प्रगति रिपोर्ट की चर्चा करते हुए बताया कि कोविड समय में ओ0पी0डी0 में प्रतिदिन लगभग 9000-10000 नए रोगियों को चिकित्सीय सुविधा प्रदान की गई। इसके साथ ही चिकित्सा विश्वविद्यालय द्वारा सभी ओपीडी को पुनः संचालित कर दिया हैं।
इसके साथ ही उन्होंने उत्तीर्ण छात्रों और उनके अभिभावकों को उनकी सफलता और पदक विजेताओं को उनकी जीत और उपलब्धियों पर बधाई दी। आज भी 55 मेधावी छात्र-छात्राओं , फैकल्टी , बेस्ट डिपार्टमेंट एवार्ड एवं बेस्ट ग्रीन डिपार्टमेंट एवार्ड को मेडल से सम्मानित किया गया। ज्ञात हो शनिवार को दीक्षांत समारोह में 42 मेधावी विद्यार्थियों को मेडल व अन्य पुरस्कार प्रदान किये गये थे।

कार्यक्रम में समारोह के विशिष्ट अतिथि प्रिंसिपल सेक्रेट्री, मेडिकल एजुकेशन,उ0 प्र0 सरकार आलोक कुमार ने संबोधित करते हुए मेडल एवं अवॉर्ड प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी और कोरोना महामारी से जारी जंग में के0जी0एम0यू0 द्वारा निभाई जा रही महत्वपूर्ण एवं सार्थक भूमिका की सराहना की ।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सर्जरी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो0 रमाकांत ने इस अवसर पर मेडल प्राप्त करने वाले मेधावियों को बधाई देते हुए छात्र-छात्राओं को सफल जीवन के मंत्र बताए ।
इस अवसर पर डीन एकेडेमिक, प्रो उमा सिंह ने कहा कि के0जी0एम0यू0 में पढ़े हुए छात्र विश्व के हर कोने में फैले हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज मेडल पाने वाले छात्र-छात्राओं को इसके साथ ही यह जिम्मेदारी भी देते हैं कि आप इस क्षेत्र में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करें ।
कार्यक्रम के समापन से पूर्व प्रति कुलपति प्रो0 विनीत शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ ही समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रो0 अमिता पाण्डेय तथा डा0 सौमेंद्र विक्रम सिंह ने किया।
