तीन गांवों में एचआईवी के 39 मरीज सामने आने से हड़कम्प

एक ही सुई से सबको इंजेक्शन, एक ही डिप सेट से ग्लूकोज चढ़ा दिया झोलाछाप ने

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के तीन गांवों में एचआईवी के 39 मरीज सामने आने से हड़कम्प मचा हुआ है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को एचआईवी होने की वजह झोलाछाप द्वारा एक ही सुई से सबको इंजेक्शन लगाना और एज डिप सेट से ग्लूकोज चढ़ाना है। इन्हें इलाज के लिए कानपुर मेडिकल कालेज के एआरटी सेंटर भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डाक्टर के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद से ही आरोपी डॉक्टर फरार है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्नाव के करीमुद्दीनपुर, प्रेम गंज चकमीरापुर में एचआईवी का संक्रामण किसी महामारी की तरह फैल गया है। पिछले सप्ताह से यहां हर रोज एचआईवी पॉजिटिव के नए मरीज सामने आने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प मच गया है। मामले का पहली बार खुलासा 3 फरवरी को लगाए गये रक्तदान शिविर में हुआ था। इन मरीजों में से 21 को स्टेज वन और टू का मरीज पाए जाने पर सघन चिकित्सा के लिए जीएसवीएम मेडिकल कालेज के एआरटी सेंटर पर भेजा गया।

एआरटी सेंटर के डॉक्टर इनका इलाज कर रहे हैं। इन मरीजों से की गई काउसलिंग में पता चला है कि वे सभी एक झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराते थे और वो उन्हें एक ही सीरिंज से इन्जेक्शन लगाता है। यही नहीं, ग्लूकोज चढ़ाने के लिए भी उसके द्वारा एक ही डिप सेट का इस्तेमाल करने की भी बात सामने आई है। अब तक 39 एचआईवी मरीज सामने आ चुके हैं।

चूंकि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन्स हैं कि ऐसे मरीजों की पहचान उजागर न की जाए, इसलिए स्वास्थ्य विभाग इन्हें किसी से मिलने नहीं दे रहा है। लेकिन वे स्वीकार करते हैं कि इनमें बड़ी संख्या में महिलाऐं भी हैं और इन्हें यौन सम्बन्धों से बचना होगा।