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बाल कैंसर उपचार करने वाली टीम को व्यवहारिक प्रशिक्षण से किया और मजबूत

-एसजीपीजीआई में “बचपन के कैंसर में नर्सिंग देखभाल” विषय पर सीएमई आयोजित

सेहत टाइम्स

लखनऊ। पीडियाट्रिक सर्जिकल सुपरस्पेशलिटीज विभाग, संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS), लखनऊ द्वारा “बचपन के कैंसर में नर्सिंग देखभाल” विषय पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम (CME) का आयोजन CanKids KidsCan के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाल कैंसर देखभाल से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों के ज्ञान, नैदानिक कौशल और आत्मविश्वास को बढ़ाना था।

निदेशक डॉ. आर. के. धीमन एवं विभागाध्यक्ष, पीडियाट्रिक सर्जरी डॉ. बसंत कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल का नेतृत्व डॉ. बसंत कुमार द्वारा किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न संस्थानों एवं कॉलेजों से आए नर्सिंग पेशेवरों को बाल कैंसर देखभाल की विशेष तकनीकों, नवीन उपचार पद्धतियों और व्यावहारिक अनुभवों से परिचित कराना था।

सुरक्षित, संवेदनशील एवं समग्र देखभाल

कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. राजेश हर्षवर्धन, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, SGPGIMS एवं डॉ. देवेंद्र गुप्ता, चीफ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, SGPGIMS द्वारा किया गया। उन्होंने बाल कैंसर रोगियों के उपचार में विशेष प्रशिक्षित नर्सिंग सेवाओं के महत्व और सुरक्षित, संवेदनशील एवं समग्र देखभाल प्रदान करने में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

वैज्ञानिक सत्रों में बाल कैंसर से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें बाल कैंसर का परिचय एवं पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्स की भूमिका, बाल कैंसर की जांच प्रक्रिया, कीमोथेरेपी प्रोटोकॉल, कीमोथेरेपी का सुरक्षित संचालन, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन तथा कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों का प्रबंधन शामिल रहे। इन सत्रों में SGPGIMS, KGMU, कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और व्यावहारिक जानकारी साझा की।

कार्यक्रम के दौरान CanKids KidsCan के कार्यों एवं बाल कैंसर से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को दिए जा रहे सहयोग के बारे में एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसके साथ ही मनोसामाजिक सहयोग, उपचार के दौरान पोषण बनाए रखना, रक्त उत्पादों का सुरक्षित उपयोग, संक्रमण नियंत्रण एवं परिवारों से प्रभावी संवाद (Breaking Bad News) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई।

सीएमई का मुख्य आकर्षण व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र रहा, जिसमें सेंट्रल वेनस कैथेटर की देखभाल, एडवांस्ड एयरवे मैनेजमेंट एवं संक्रमण नियंत्रण प्रक्रियाओं पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया गया। इस सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल विकसित करने का अवसर मिला। कार्यक्रम की आयोजन समिति में रीता आर्या, DNS, SGPGI; डॉ. निशांत अग्रवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, SGPGI; डॉ. कृष्णा प्रिया अग्रवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, KGMU एवं डॉ. योगिता भाटिया, सीनियर स्टेट कोऑर्डिनेटर का महत्वपूर्ण योगदान रहा।