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देश के बेहतर भविष्य के लिए अल्कोहल, तम्बाकू, स्क्रीन की लत से मुक्ति आवश्यक

-एसजीपीजीआई में व्यसन मुक्त भारत पर आरोग्य भारती ने आयोजित की  कार्यशाला

सेहत टाइम्स

लखनऊ। आरोग्य भारती एवं नेशनल मेडिको एसोसिएशन (एन एम ओ) अवधप्रान्त पी जी आई शाखा के संयुक्त तत्वावधान में 24 अगस्त को “व्यसन मुक्त भारत” पर कार्यशाला आयोजित की गयी। इसमें वक्ताओं ने अल्कोहल, तम्बाकू, स्क्रीन की लत के साथ ही मनोरोगों पर शोध को लेकर जानकारी दी।

यह जानकारी देते हुए आरोग्य भारती अवध प्रान्त के संगठन सचिव डॉ सुनील अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम के आयोजकों में अध्यक्ष एनएमओ पीजीआई शाखा प्रो अमित केशरी, अध्यक्ष आरोग्य भारती पीजीआई शाखा प्रो गौरव अग्रवाल व डॉ सुनील अग्रवाल शामिल थे जबकि कार्यक्रम के संयोजक आरोग्य भारती पीजीआई शाखा के उपाध्यक्ष प्रो पुनीत गोयल थे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के आयोजन में एसजीपीजीआई के कॉलेज ऑफ नर्सिंग, कॉलेज ऑफ मेडिकल टेक्नोलॉजी, कर्मचारी महासंघ, मेडिटेक एसोसिएशन और नर्सिंग एसोसिएशन ने भी सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि एसजीपीजीआई के एनेस्थीसिया विभाग के मिनी ऑडीटोरियम में आयोजित इस कार्यशाला के मुख्य वक्ताओं में सीनियर कन्सल्टेंट डॉ प्रेरणा कपूर, मनोचिकित्सक डॉ रोमिल सैनी और मनोविज्ञानी डॉ सावनी गुप्ता शामिल रहे।

श्रोताओं के प्रश्नों के दिये जवाब

डॉ प्रेरणा कपूर ने अल्कोहल और तम्बाकू से होने वाले नुकसान को बताते हुए कहा कि शौक किस प्रकार लत में बदल जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों विशेषकर किशोरों, युवाओं को समय रहते इसके नुकसान इसके नुकसान को लेकर जागरूक करने की आवश्यकता है। मनोचिकित्सक डॉ रोमिल सैनी ने विभिन्न प्रकार के मनोरोगों पर हो रहे शोध के बारे में जानकारी दी और बताया कि रोग किस प्रकार अपनी चरम सीमा तक पहुंच जाता है। मनोविज्ञानी डॉ सावनी गुप्ता ने अपने वक्तव्य में आजकल आम होती जा रही बड़ी समस्या बच्चों में लत की हद तक बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज के प्रयोग पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अक्सर देखने-सुनने में आता है कि बच्चे मोबाइल, टीवी देखकर ही खाना खाते हैं। उन्होंने बताया कि मोबाइल, टैबलेट, कम्प्यूटर, टीवी जैसी स्क्रीन डिवाइजेज की आदत पड़ जाने के आंखों, मस्तिष्क, व्यवहार आदि पर क्या-क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं। कार्यक्रम में मौजूद श्रोताओं की तरफ से प्रश्न भी पूछे गये, जिनके वक्ताओं ने उत्तर दिये।


उन्होंने बताया कि प्रो अंकुर भटनागर ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि व्यसन के खिलाफ जागरूकता की कड़ी जोड़ते हुए लोगों को जागरूक करें और उनसे कहें कि वे दूसरों को जागरूक करें।  कार्यक्रम में आरोग्य भारती से प्रो. बी एन सिंह, डॉ अमित शुक्ला, डॉ अमिता चतुर्वेदी, डॉ कुसुम लता गुप्ता, स्नेहलता, रजनी के साथ ही पी जी आई शाखा से प्रो गौरव अग्रवाल, प्रो अंकुर भटनागर, प्रो पुनीत गोयल, प्रो अमित केशरी, प्रो पुनीता लाल, डॉ राघवेंद्र शामिल हुए। कार्यक्रम में लखनऊ से बाहर के लोग भी शामिल हुए इनमें बाराबंकी से विनय कुमार सिंह, दिल्ली से ज्योति चौधरी तथा हरदोई से डॉ शर्मीला सिंह शामिल रहे। इनके अलावा पीजीआई कर्मचारी महासंघ से अध्यक्ष धर्मेश कुमार, महामंत्री सीमा शुक्ला, नर्सिंग एसोसिएशन की अध्यक्ष लता सचान, उपाध्यक्ष सुजान सिंह, मेडीटेक एसोसिएशन से अध्यक्ष मनोज सिंह, महामंत्री राकेश निगम, पूर्व अध्यक्ष डी के सिंह भी उपस्थिति रहे।

29-30 अगस्त को लखनऊ में राष्ट्रीय कार्यशाला

डॉ सुनील अग्रवाल ने बताया कि हमें जनमानस को नशे से मुक्त बनाने के लिए समग्र प्रयास करने की जरूरत है। इसीलिए आरोग्य भारती व्यसन मुक्ति को लेकर देशभर में कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इसी कड़ी में एसजीपीजीआई में कार्यशाला का आयोज​न किया गया तथा आगामी 29-30 अगस्त को निराला नगर लखनऊ में एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसमें 44 प्रान्तों से लगभग 65 लोग सम्मिलित होंगे।