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जिपमर के पूर्व निदेशक पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ पी बहादुर नहीं रहे

-लम्बी बीमारी के बाद 93 वर्ष की आयु में हुआ निधन

डॉ प्रमेन्द्र बहादुर                 file photo

सेहत टाइम्स

लखनऊ। वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट, जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ़ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER) के रिटायर्ड निदेशक डॉ प्रमेन्द्र बहादुर (पी बहादुर) का आज 20 अगस्त की शाम यहां गोमती नगर स्थित एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 93 वर्ष के थे।

मिली जानकारी के अनुसार डॉ पी बहादुर लम्बे समय से बीमार चल रहे थे, और इस समय संजीवनी हॉस्पिटल में भर्ती थे, जहां शाम करीब 5 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार कल 21 अगस्त को प्रात: नौ बजे भैसाकुंड स्थित इलेक्ट्रिक शवदाह गृह पर होगा।

कई संस्थानों में सेवारत रहे जॉर्जियन डॉ पी बहादुर

आपको बता दें कि डॉ पी बहादुर ने अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (अब केजीएमयू) से की थी, वे केजीएमसी में ही मेडिसिन विभाग में लेक्चरर रहे तथा अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भी रीडर रहे। इसके अलावा वे गोवा मेडिकल कॉलेज में पल्मोनरी विभाग खुलने पर सबसे पहले प्रोफेसर बने। डॉ पी बहादुर ने गोवा मेडिकल कॉलेज में 10 साल और जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ़ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER) पांडिचेरी में 8 साल तक टीबी और रेस्पिरेटरी डिज़ीज़ (सांस की बीमारियों) के प्रोफ़ेसर और हेड के तौर पर काम किया। इसके बाद जुलाई 1987 से जुलाई 1990 तक डॉ पी बहादुर जिपमर पांडिचेरी के निदेशक पद पर कार्यरत रहते हुए वहीं से सेवानिवृत्त हुए।