जहां महिलाएं हिंसा को चुपचाप सहती हैं, वहीं बढ़ते हैं अपराध

-महिलाएं हिंसा को चुपचाप न सहें, प्रतिक्रिया में सटीक जवाब दें

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। हिंसा के खिलाफ महिलाओं को चुप नहीं रहना चाहिए, उसे प्रतिकार करना आना चाहिए क्यूंकि जहां महिला हिंसा को चुपचाप सहती है अपराध वहीँ बढ़ते हैं। महिलाओं को प्रतिक्रिया का सटीक जवाब देना आना चाहिए।

यह बात आज 12 मार्च को किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय  के कलाम सेंटर में पैरामेडिकल साइंस संकाय द्वारा ‘मिशन शक्ति’ प्रोग्राम के अंतर्गत महिला आत्मरक्षा के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्‍य अतिथि के रूप में भाग लेने आयीं समाज सेविका (मिशन शक्ति) डा0 पूजा ठाकुर सिकेरा ने उपस्थित छात्राओं को सम्‍बोधित करते हुए कही। उन्होंने उपस्थित सभी छात्राओं को महिला सुरक्षा के लिए सेफ्टी टिप्स दिए और उन्होंने मौलिक अधिकारों एवं सरकार द्वारा चलाये गए जागरूकता अभियानों की विस्तृत रूप से जानकारी दी।

समारोह में डीन पैरामेडिकल साइंस प्रो0विनोद जैन ने छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया महिला ने समाज को प्रकाशित किया है उसे जग की ओर सहारा देखने की आवश्यकता नही है। महिलाओं को अपनी शक्ति को पहचानना है एवं अपने आत्म सम्मान एवं आत्म रक्षा के लिए आगे बढ़कर आना है। डा0 जैन ने अरुणिमा सिन्हा (फ़ुटबाल चैम्पियन  एवं इन्डियन माउन्टेन क्लाइम्बर)के संघर्ष का उदाहरण देते हुए छात्राओं को प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में प्रो अतिन सिंघई, असिस्‍टेंट डीन,पैरामेडिकल साइंस भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिवांगी श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में 400 छात्राएं एवं 20 पैरामेडिकल फैकल्टी उपस्थित रहीं।