-लोहिया संस्थान का दंत विभाग हुआ आत्मनिर्भर, अब हो सकेगी दांतों की पूर्ण चिकित्सा

सेहत टाइम्स
लखनऊ। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के दंत विभाग के लिए सोमवार 24 जून का दिन आत्मनिर्भर होने की एक नयी ख़ुशी लेकर आया। विभाग द्वारा की गयी दो साल की कोशिश रंग लायी। दंत चिकित्सा के लिए नैदानिक परीक्षण में अहम भूमिका निभाने वाली रेडियोग्राफिक जांच के लिए ऑर्थोपेंटोमोग्राफ (ओपीजी) और इंट्राओरल पेरियापिकल रेडियोग्राफ (आईओपीएआर) मशीनों के उद्घाटन के साथ ही डेंटल लैब सेवाओं की भी शुरुआत हो गयी। इन सभी सेवाओं का उद्घाटन संस्थान की सेवाओं को विस्तारित करने में जोरशोर से जुटे संस्थान के निदेशक प्रो सीएम सिंह ने किया।

इस बारे में दंत विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो शैली महाजन ने जानकारी देते हुए बताया कि एचआरएफ विभाग की मदद से इन सेवाओं को निविदा के माध्यम से शुरू करने में लगभग 2 साल की कड़ी मेहनत लगी।अब विभाग रोगियों को सभी प्रकार की दंत चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में आत्मनिर्भर है। आपको बता दें कि ऑर्थोपेंटोमोग्राफ मशीन से पूरे जबड़े की विस्तार से जांच की जा सकती है वहीं इंट्राओरल पेरियापिकल रेडियोग्राफ मुख केअंदर की उन जांचों मामलों में लाभदायक है जहां फिल्म का प्लेसमेंट कठिन होता है।

प्रो शैली ने बताया कि इस अवसर पर अतिथि वक्ता डॉ. गयासुद्दीन खान, अतिरिक्त निदेशक और राज्य मेडिको कानूनी विशेषज्ञ, स्टेट मेडिको लीगल सेल, लखनऊ (यूपी) द्वारा एक सी एम ई भी आयोजित की गयी। इसमें उन्होंने चिकित्सा और दंत न्यायशास्त्र में हालिया प्रगति पर बात की। डॉ खान ने नॉन इनवेसिव वर्चुअल या ब्लडलेस ऑटोस्मस और पोस्टमार्टम में रेडियोलॉजी और दांतों के उपयोग के लाभ पर प्रकाश डाला।
सी एम ई में कार्यवाहक डीन प्रो.विनीता मित्तल, सी एम एस और एचआरएफ के चेयरमैन प्रो ए के सिंह, डीन स्टूडेंट वेलफेयर एंड मीडिया रिलेशंस प्रो. ए पी जैन, यू सी सिंह, डॉ ज्योति जैन और डॉ पद्मानिधि अग्रवाल, रेजिडेंट्स, मेडिकल और डेंटल के छात्र और नर्सिंग स्टाफ और छात्र भी उपस्थित थे।
