वोट देने न जाने वाले को शिकायत करने का भी हक नहीं

मतदान को अनिवार्य किये जाने के पक्ष में हैं डॉ जितेन्‍द्र साधवानी

लखनऊ। सभी तरफ मतदान के प्रति जागरूकता को लेकर अपील की जा रही है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ के होम्‍योपैथ विशेषज्ञ डॉ जितेन्‍द्र साधवानी ने मतदान अपील करते हुए बहुत ही अहम बात कही है। उन्‍होंने कहा है कि मतदान के लिए न जाने वाले लोगों को अपनी अपेक्षायें एवं आकांक्षायें पूरी न होने पर शिकायत करने का हक नहीं है।

 

डॉ साधवानी ने कहा कि हमारे देश के नागरिक समस्या रहित बेहतर जीवन के सपने तो देखते हैं लेकिन जब इन सपनों को साकार करने की प्रक्रिया शुरु करने का समय आता है तो मतदान तक करना हमें जरूरी नहीं लगता है। उन्‍होंने कहा कि लोकसभा चुनाव जैसे लोकतंत्र के महाउत्सव में 50 -60 % मतदान देख कर समझना बहुत ही आसान है कि चुना जाने वाला जन प्रतिनिधि सिर्फ 50 – 60 % लोगों में से ही कुछ की पसंद या नापसंद का नतीजा है।

 

उनका कहना है कि बाकी के लोग जिन्होंने वोट देने की जहमत नहीं उठाई है, उन्हें भविष्य में अपनी अपेक्षायें एवं आकांक्षायें पूरी न होने पर शिकायत करने का हक नहीं है। उनका मानना है कि संविधान में मतदान को अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए और अगर शमतदान में भाग न ले तो उसे सभी सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाना चाहिए।

 

डॉ साधवानी ने कहा कि हम किसी को भी वोट दें या नोटा का विकल्प चुनें लेकिन वोटिंग 100 % होनी चाहिये। उन्‍होंने कहा कि मेरा विश्‍वास है कि 100 % वोटिंग के फलस्वरूप चुना जाने वाला जनप्रतिनिधि निश्चित रूप से बेहतरीन जनप्रतिनिधि साबित होगा और जनसेवा को अपने धर्म से अधिक मान सम्मान देगा।