सिर्फ मौखिक नहीं लिखित सहमति भी लें मरीज के तीमारदारों से

तीमारदार और चिकित्‍सकों के बीच बढ़ रहे तकरार के मामलों पर पैनल डिस्‍कशन

लखनऊ। मरीजों के तीमारदार और चिकित्‍सकों के बीच बढ़ रहे तकरार के मामलों को लेकर एक चर्चा में आये सुझाव में बताया गया है कि मरीज के उपचार के दौरान उसकी हर दिन की स्थिति को बताने के लिए तीमारदार के साथ काउंसलिंग की जाये साथ ही किये जा रहे उपचार में अगर कोई बदलाव किया जाना जरूरी हो तो उसके बारे में भी मरीज के घरवालों को सूचना दें। किये जा रहे उपचार के प्रोसीजर में जितनी बार भी बदलाव करें उसके बारे में हर बार मरीज के घरवालों से लिखित सहमति अवश्‍य प्राप्‍त कर लेनी चाहिये।

 

ये सुझाव चिकित्‍सकों व अधिवक्‍ता के एक पैनल डिस्‍कशन में सामने आये। लखनऊ ऑब्‍स एंड गायनीकोलॉजी स्‍पेशियलिस्‍ट्स की मेडिको लीगल सबकमेटी द्वारा रविवार को आयोजित एक दिवसीय मेडिकोलीगल वर्कशॉप में हुई इस चर्चा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन उत्‍तर प्रदेश के अध्‍यक्ष डॉ एएम खान, लखनऊ नर्सिंग होम एसोसिएशन के सचिव डॉ अनूप अग्रवाल, आईएमए लखनऊ की प्रेसीडेंट इलेक्‍ट डॉ रमा श्रीवास्‍तव, ऑब्‍स एंड गायनीकोलॉजी स्‍पेशियलिस्‍ट्स की नेशनल मेडिकोलीगल कमेटी के हेड डॉ एमसी पटेल, मेडिको लीगल एक्‍सपर्ट एडवोकेट राधिका थापर तथा डॉ मुंशी शामिल रहे।

आपको बता दें कि मरीज की मृत्‍यु होने पर झगड़ा, तोड़फोड़ होने की घटनायें पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ गयी हैं। ज्‍यादातर घटनाओं में घरवालों का आरोप होता है कि हमारे मरीज के साथ डॉक्‍टर ने लापरवाही की है, हमें मरीज के बारे में कोई सूचना नहीं दी गयी, इन्‍हीं सब स्थितियों के मद्देनजर पैनल डिस्‍कशन में अनेक सुझाव और एहतियाती कदम उठाने की चिकित्‍सकों को सलाह दी गयी।

 

चर्चा में कहा गया कि कई बार ऐसा होता है कि मरीज का ऑपरेशन करते समय उसकी स्थिति को सम्‍भालने के लिए कई तरह के कदम उठाने पड़ते हैं ऐसे में मरीज के तीमारदार को बुलाकर बता तो दिया जाता है लेकिन बाद में अगर मरीज को कुछ हो जाता है तो तीमारदार कहते हैं कि हमें तो बताया ही नहीं गया था, ऐसी स्थितियों से बचने के लिए ही लिखित रूप से तीमारदार को बता कर उसकी सहमति ले ली जानी चाहिये।

 

इसके अतिरिक्‍त चर्चा में यह सलाह दी गयी कि यदि मरीज को बेहतर इलाज के लिए रेफर करना हो तो जिस हॉस्पिटल के लिए रेफर किया जाना है वहां पहले से ही बात कर लें, कि वहां पर वेंटीलेटर या बेड उपलब्‍ध है या नहीं।