ब्रेस्‍ट कैंसरग्रस्‍त महिलाओं की नाव को मांझी बनकर किनारे लगायेंगे सर्वाइवर्स

-केजीएमयू के इंडोक्राइन सर्जरी विभाग की महत्‍वपूर्ण पहल  

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। मझधार में फंसी नाव को सुरक्षित निकालने के लिए जिस प्रकार मांझी प्रयत्‍न करके सफलता हासिल करता है, कुछ इसी तरह का प्रयास केजीएमयू के इंडोक्राइन सर्जरी विभाग में ब्रेस्‍ट कैंसर पर विजय पा चुकी महिलाएं मांझी बनकर वर्तमान में ब्रेस्‍ट कैंसर से ग्रस्‍त महिलाओं की रोग की मझधार में फंसी नाव को बाहर निकालने में करेंगी। मरीजों को क्‍या, कब और किस तरह समझाना है, किस तरह मरीजों के मन में उठने वाले सवालों का जवाब देना है, विभाग में पहुंचने के बाद उन्‍हें किस तरह गाइड करना है, इसके लिए इन मांझी को विभाग द्वारा प्रशिक्षित भी किया जायेगा।

यह जानकारी इण्डोक्राइन सर्जरी विभाग, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ में ऑनलाइन 7 अप्रैल को आयोजित लखनऊ ब्रेस्ट कैंसर सपोर्ट ग्रुप की बैठक में प्रोफेसर एवं विभागाध्‍यक्ष डॉ आनन्‍द मिश्र द्वारा दी गयी। ऑनलाइन मीटिंग में मरीज के पथप्रर्दशक कार्यक्रम मांझी शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य मरीजों की देभभाल, उनकी जीवन की गुणवता में सुधार है। प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डा0 आनंद मिश्रा द्वारा तथ्यों के विश्लेषण के आधार पर इस कार्यक्रम के औचित्य तथा महत्व को बताया। प्रोफेसर मिश्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय में इलाज के लिए आने वाले रोगियों में 62 प्रतिशत निरक्षर या बहुत कम शिक्षा प्राप्‍त किये होते हैं तथा 72 प्रतिशत ग्रामीण पृष्ठभूमि के होते हैं, जिसके कारण अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्‍होंने बताया कि विभाग, विश्वविद्यालय प्रशासन एवं सरकार द्वारा विभिन्न स्तरों पर किये गये प्रयासों से बाद भी मरीजों को संतुष्टि प्राप्त नहीं हो रही है, इसीलिए उनकी सहायता और संतुष्टि के लिए यह प्रयास किया जा रहा है।

उन्‍होंने बताया कि मांझी द्वारा सरवाइवर जो स्वयं से मरीजों की सहायता के लिए तैयार होंगे उन्हें पथ प्रर्दशन (navigation) के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा। डॉ कुलरंजन सिंह द्वारा मांझी कार्यक्रम की रूपरेखा तथा उद्देश्य के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। इसके अतिरिक्‍त प्रोफेसर मिश्रा द्वारा स्तन कैंसर रोगियों में कोविड टीकाकरण के महत्व और सर्जरी में ब्रेस्‍ट निकालने के उपरान्त कृत्रिम स्‍तनों के महत्व और रोगियों की मनोसामाजिक तथा शारीरिक कल्याण के लिए उपयोग के लिए जागरूक किया गया।

मरीज स्‍वयं अपना और परिवार का लॉकडाउन करें

कोविड महामारी के बचाव के लिए प्रोफेसर मिश्रा द्वारा लोगों को सुझाव दिया गया कि स्वयं एवं परिवार का लॉकडाउन करें तथा बहुत आवश्यक चीजों के लिए ही घर से बाहर निकलें तथा मास्क का प्रयोग हर समय आवश्यक करें। कार्यक्रम के अन्त में बैठक में शामिल हुये 45 से अधिक रोगियों के प्रश्नों के उत्तर दिये गये तथा ओ0पी0डी0 में परामर्श के लिए वर्तमान व्यवस्था के विषय में जानकारी प्रदान की गयी।