केजीएमयू के स्किल सेंटर में एटीएलएस ट्रेनिंग की सिल्‍वर जुबिली

-वर्ष 2016 से एटीएलएस प्रोवाइडर की ट्रेनिंग के साथ ही ट्रॉमा इंस्‍ट्रक्‍टर की भी ट्रेनिंग दी जा रही

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय (केजीएमयू) के स्किल सेन्टर, जहां जीवन रक्षक प्रशिक्षण एटीएलएस की ट्रेनिंग दुघर्टना में घायल की जान बचाने और घायल की जान बचाना दूसरों को सिखाने के लिए प्रशिक्षक (इंस्‍ट्रक्‍टर) बनने की ट्रेनिंग दी जाती है, में बुधवार 10 मार्च को ट्रेनिंग के 25 सत्र पूरे हो गये, यूं कह सकते हैं कि ट्रेनिंग दिये जाने के लिए आयोजित होने वाले सत्रों की सिल्‍वर जुबिली पूरी हो गयी।

स्किल सेंटर के निदेशक प्रो विनोद जैन ने बताया कि एटीएलएस की ट्रेनिंग में अंतर्राष्‍ट्रीय मानकों के अनुसार एक बैच में 24 लोगों को ही शामिल किया जा सकता है। इस प्रकार अब तक 25 बैच में 600 लोगों को एटीएलएस की ट्रेंनिंग दी जा चुकी है तथा सात सत्र इंस्ट्रक्‍टर की ट्रेनिंग देने के आयोजित हुए है, इसमें एक बैच में 12 लोग शामिल होते हैं, इस प्रकार 84 इंस्ट्रक्‍टर तैयार किये जा चुके हैं। ट्रेनिंग लेने वाले लोगों में भारत के साथ ही विदेशों ऑस्‍ट्रेलिया, बांग्‍लादेश, अफगानिस्‍तान, पाकिस्‍तान आदि देशों के प्रतिभागी शामिल प्रशिक्षण ले चुके हैं।  

उन्‍होंने बताया कि केजीएमयू के स्किल सेन्टर एवं यू0पी0 चैप्टर एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इण्डिया द्वारा तीन दिवसीय एटीएलएस प्रोवाइडर कोर्स के 25वें कोर्स (सिल्वर जुबली) का समापन बुधवार 10 मार्च को सम्पन्न हुआ।

केजीएमयू, उत्तर प्रदेश का पहला एवं इकलौता केन्द्र है जो प्रदेश में ए0टी0एल0एस0 प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। विगत पांच वर्षों (2016) से यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण निरन्तर आयोजित किया जाता रहा है। कोर्स निदेशक डॉ0 विनोद जैन ने बताया कि इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को ट्रॉमा रोगियों के जीवन को बचाने की विधा सिखाई जाती है। इस प्रशिक्षण में श्वास मार्ग की देखभाल, श्वसन में रुकावट, रक्तस्राव रोकने की विधियां, शॉक मैनेजमेन्ट,सिर एवं मेरुदंड की चोट की पहचान व उपचार, बच्चों-बुजुर्गो एवं गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल, रोगी के स्थानान्तरण का प्रोटोकॉल एवं विधि, हॉस्पिटल नेटवर्किंग इत्यादि का बहुत बारीकी एवं सहज रूप से प्रशिक्षण दिया जाता है।

उक्त कोर्स में मुम्बई, वाराणसी, हैदराबाद, आगरा, गुरुग्राम, कमाण्ड अस्पताल एवं लखनऊ के विभिन्न चिकित्सालयों के प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। डॉ0 विनोद जैन, डॉ0 समीर मिश्रा, कर्नल विकास चावला, डॉ0 विकास सिंह, डॉ नेहा ठाकुर, डॉ0 दिव्य नारायण उपाध्याय, डॉ0 जाफर एवं डॉ0 मदन मिश्रा द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस कोर्स की कोऑर्डिनेटर शालिनी गुप्ता एवं अस्सिटेन्ट को-ऑर्डिनेटर राघवेन्द्र शर्मा एवं वीनू दुबे थीं। सहायक के रूप में अभिषेक सिंह, अभिषेक यादव एवं शालिनी दुबे का विशेष योगदान रहा।