आखिर निकल आया सरकारी अस्‍पतालों में विशेषज्ञ डॉक्‍टरों को लाने का रास्‍ता

सीपीएस डिप्‍लोमा कोर्स के लिए MOU पर हस्‍ताक्षर  

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने हेतु कॉलेज ऑफ फि‍जीशियन्‍स एंड सर्जन्‍स (सीपीएस) डिप्लोमा कोर्सेस शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य तथा पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशांत त्रिवेदी तथा सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य हिकाली झिमोमी की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया।

 

यह जानकारी पीएमएस एसोसिएशन के सचिव डा अमित सिंह ने दी। आपको बता दें कि प्रदेश के सरकारी चिकित्सालयों में जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है, इसके साथ प्रदेश के मेडिकल कॉलेजेस में विशेषज्ञ चिकित्सक अपेक्षित संख्या में नहीं तैयार नहीं हो पा रहे हैं। इसको देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की आवश्यकता के रूप में प्रदेश के जनपद स्तरीय चिकित्सालयों में सी पी एस डिप्लोमा तथा डी एन बी विशेषज्ञ कोर्स प्रारंभ किये जा रहे हैं ।

डिप्लोमा कोर्सेस दो वर्षीय पाठ्यक्रम हैं तथा वर्तमान में बाल बाल रोग इत्यादि, पैथोलॉजी, स्त्री रोग तथा नेत्र विज्ञान में ये कोर्सेज प्रारम्भ किये जायेंगे। ये सभी कोर्सेज मेडिकल कॉउंसिल ऑफ़ इंडिया से मान्यता प्राप्त हैं तथा वर्तमान में ये कोर्सेज उड़ीसा, राजस्थान, महाराष्ट्र तथा दादर नगर हवेली इत्यादि अनेक राज्यों में जारी हैं। जनपदीय चिकित्सालयों में इन पाठ्यक्रमों को प्रारम्भ करने का यह भी लाभ है कि इन चिकित्सालयों को चयनित विधाओँ में मेडिकल कॉलेजेस की तरह रेजिडेंट डॉक्टर्स उपलब्ध हो जायेंगे जिससे इन चिकित्सालयों में मरीजों के बेहतर उपचार और देखभाल में मदद मिलेगी।

 

इस मौके पर निदेशक प्रशिक्षण डा रुकुमकेश सिंह, पीएमएस एसोसिएशन के सचिव डा अमित सिंह तथा डा देवेश कुमर सिंह कार्यक्रम में उपस्थित रहे । डा सचिन वैश्‍य और डॉ हर्ष शर्मा ने इस कार्य में अपना विशेष योगदान दिया।

 

डा अमित सिंह ने बताया कि अगले 2-3 सप्ताह में हम लोग PHFI के सहयोग से इन कोर्सेज को शुरू करने के लिए उपयुक्त जनपद स्तरीय चिकित्सालय तथा टीचिंग फैकल्टी का चिन्हीकरण करेंगे। उन्‍होंने बताया कि पूरा प्रयास कम से कम कुछ सीट्स इसी वर्ष शुरू करा लेने का रहेगा। देश भर में विशेषज्ञ चिकित्सकों भारी कमी को देखते हुए DNB कोर्सेस की तरह CPS कोर्सेज को शुरू करना केंद्रीय स्वास्थ्य नीति का हिस्सा है। उन्‍होंने बताया कि केंद्र सरकार के सकारत्मक रूख को देखते हुए हम अपने स्तर पर सभी आवश्यक कार्यवाही पूरी कर रहे हैं और उम्मीद के अनुसार शीघ्र ही इन कोर्सेज को शुरू कर पाएंगे।