गाँव-गाँव जाकर होगी कैंसर की जांच, स्क्रीनिंग वैन के लिए पॉवर फाइनेंस के साथ MOU पर हस्ताक्षर  

लोहिया संस्थान वैन खरीद कर कराएगा तैयार, तीन-चार माह में तैयार होने की आशा

लखनऊ. कैंसर को प्रारंभिक अवस्था में ही पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने योजना तैयार की है. स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने व कैंसर मरीज़ों की जाँच के लिए गाँव-गाँव स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के लिए आज चिकित्सा शिक्षा एवं प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन की उपस्थिति में लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. दीपक मालवीय और पॉवर फाइनेन्स कारपोरेशन लिमिटेड भारत सरकार के महाप्रबंधक आर  मुरारी  के मध्य डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान के लिए एक कैंसर स्क्रीनिंग वैन खरीदने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किये गये। यह वैन तीन-चार माह में स्क्रीनिंग के लिए पूरी तरह से तैयार हो जायेगी. यह वैन गाँव-गाँव जाकर कैंसर की जांच करेगी.

 

 

चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने बताया कि कैंसर स्क्रीनिंग वैन प्रदेश के गाँव-गाँव में जाकर कैंसर की संभावना का पता लगाएगी। इससे दूर-दराज़ के मरीज़ों को ,जो अस्पताल तक नहीं पहुँच पाते है, उनकी प्रारम्भिक जाँच वहीं वैन में हो जायेगी। उन्होंने बताया कि यह जाँच निःशुल्क की जायेगी। यदि किसी मरीज़ के अन्दर कैंसर के लक्षण पाये जाते हैं तो उसके आगे के इलाज केलिए अस्पताल को रेफर कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि यह वैन दूर-दराज़ के इलाकों केलिए बहुत उपयोगी होगी। चिकित्सा सेवा क्षेत्र में यह वैन अत्यन्त उपयोगी साबित होगी।  इस अवसर पर प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा, डॉ. रजनीश दुबे व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

इस बारे में लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. दीपक मालवीय से पूछने पर उन्होंने बताया कि अब कैंसर के शुरुआती स्टेज में ही दूरदराज के इलाकों में भी पता करने में इस वैन से काफी मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि शुरुआती स्टेज में कैंसर के पकड़ में आ जाने पर उसके ठीक होने की संभावना ज्यादा रहती है लेकिन लोग अस्पताल में जांच कराने आसानी से नहीं पहुँचते, ऐसे में दूर-दूर तक वैन के पहुँचने से स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी. उन्होंने बताया कि वैन खरीदने और उसे तैयार कराने में लगभग तीन-चार माह का समय लग जायेगा.