-विकसित यूपी 2047 के लिए स्वास्थ्य प्रणाली पर आयोजित दो दिवसीय राउंडटेबल बैठक सम्पन्न

सेहत टाइम्स
लखनऊ। स्टेट हेल्थ सिस्टम्स रिसोर्स सेंटर-उत्तर प्रदेश (SHSRC-UP) के लिए रणनीतिक रोडमैप विकास पर आयोजित दो दिवसीय राउंडटेबल बैठक का दूसरा एवं समापन दिवस संस्थागत ढांचे, सुशासन संरचना, कार्यान्वयन रणनीति तथा एसएचएसआरसी-यूपी की प्राथमिकताओं पर व्यापक सहमति के साथ संपन्न हुआ। प्रथम दिवस में चिन्हित साक्ष्यों एवं कमियों को दूसरे दिन ठोस कार्ययोजना में परिवर्तित किया गया, जिससे उत्तर प्रदेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
द्वितीय दिवस की कार्यवाही ‘आरोग्य संकल्प’ थीम तथा ‘SHSRC-UP का रणनीतिक रोडमैप एवं संस्थागत विकास’ उप-विषय पर केंद्रित रही। प्रथम रणनीतिक सत्र ‘डोमेन प्रायोरिटाइजेशन’ का संचालन डॉ. पिंकी जोवेल, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश द्वारा किया गया। इस सत्र में गैर-संचारी रोग, डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम, गुणवत्ता सुधार एवं रोगी सुरक्षा, मानव संसाधन विकास तथा अंतर्विभागीय सहयोग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को SHSRC-UP के तकनीकी कार्यक्षेत्र के रूप में प्राथमिकता देने पर विचार-विमर्श हुआ।
साक्ष्य-आधारित एवं एकीकृत संस्थागत ढांचे की आवश्यकता
इस सत्र में सम्पत कुमार, प्रो. (डॉ.) आरके धीमन, डॉ. रमन सरदाना, डॉ. देवेंद्र खंडैत, डॉ. संजय त्रिपाठी, डॉ. निर्मल सिंह, डॉ. गुंजन तनेजा तथा SHSRC केरल के प्रतिनिधि सहित विशेषज्ञों ने भाग लिया। सभी ने साक्ष्य-आधारित एवं एकीकृत संस्थागत ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया।
दूसरे तकनीकी सत्र ‘इम्प्लीमेंटेशन स्ट्रेटेजी’ का संचालन रवि रंजन द्वारा किया गया। इसमें जिला स्तर पर कार्यान्वयन, फील्ड कर्मियों की क्षमता वृद्धि, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, डैशबोर्ड, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के साथ एकीकरण तथा परिवर्तन प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा हुई। अंतिम रणनीतिक सत्र ‘आउटकम एवं स्ट्रेटेजी’ का संचालन प्रो. (डॉ.) आर. हर्षवर्धन ने किया। इसमें SHSRC-UP की दीर्घकालिक दृष्टि, शासन संरचना, तकनीकी दायित्व, कार्यान्वयन मार्ग तथा स्थिरता पर आधारित सर्वसम्मत रोडमैप तैयार किया गया। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य प्रणाली अनुसंधान, डिजिटल हेल्थ, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन, गुणवत्ता सुधार, मानव संसाधन विकास, स्वास्थ्य अर्थशास्त्र, नीति विश्लेषण तथा इम्प्लीमेंटेशन साइंस के लिए समर्पित तकनीकी प्रभाग स्थापित करने की अनुशंसा की।
विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक स्वायत्तता एवं प्रशासनिक उत्तरदायित्व पर आधारित सुशासन मॉडल, सतत वित्तपोषण, संस्थागत साझेदारी, आवधिक रणनीतिक समीक्षा, परिचालन अनुसंधान तथा नेतृत्व विकास को SHSRC-UP की सफलता के लिए आवश्यक बताया। पूरे दिन यह सहमति रही कि SHSRC-UP उत्तर प्रदेश सरकार का स्थायी ज्ञान-साझेदार बनकर अनुसंधान, नीति निर्माण तथा कार्यान्वयन के बीच सेतु का कार्य करेगा।
समापन सत्र में प्रो. (डॉ.) ज्ञान चंद, कार्यवाहक विभागाध्यक्ष, अस्पताल प्रशासन विभाग, एसजीपीजीआईएमएस ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि दो दिवसीय मंथन से प्राप्त अनुशंसाएँ SHSRC-UP को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में स्थापित करने तथा उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, समानता, दक्षता एवं उपलब्धता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।

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