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एसजीपीजीआई के विशेषज्ञ ने बताया कि सांप के काटने पर क्‍या करें और क्‍या न करें

-सर्पदंश के प्रभाव से मुक्त होने के बाद प्लास्टिक सर्जन को जरूर दिखाएं

सेहत टाइम्‍स

लखनऊ। सांप काटने की घटनाएं यूं तो अक्‍सर सुनने को मिलती रहती हैं, लेकिन बरसात में इस तरह की घटनाओं में वृद्धि होने की संभावना ज्‍यादा रहती है। ऐसी घटना के बाद अक्‍सर लोग घबरा जाते हैं और उन्‍हें समझ में नहीं आता है क्‍या करें और क्‍या न करें। ऐसी ही स्थिति में किस प्रकार के कदम उठायें इस बारे में संजय गांधी स्‍नातकोत्‍तर आयुर्विज्ञान संस्‍थान (एसजीपीजीआई) के प्‍लास्टिक सर्जरी विभाग के विभागाध्‍यक्ष प्रो. राजीव अग्रवाल ने जानकारी दी है।

250 में से 50 सांप विषैले, 5 सर्वाधिक खतरनाक

प्रो राजीव बताते हैं कि आज के परिवेश में सर्प और मनुष्य का सामना कई बार होता है, और जंगलों कि संख्या में कमी के कारण सांप अक्सर घरों के आस-पास ज्यादा पाये जाने लगे हैं। जहां उनको सुलभ भोजन मिल जाता है। भारत में सांपों की 250 प्रजातियां हैं, जिनमें से 50 सांप विषैले हैं, और 5 मनुष्यों के लिए बहुत खतरनाक हैं। इनमें से चार सबसे अधिक मौतों के लिए जिम्मेदार हैं- कौमन कोबरा (जिसे नाग कहा जाता है),स्केल्ड वाइपर, कौमन क्रेट(बंगाल का एक जहरीला सांप) और रसेल वाइपर। सांपों के बारे में यह बात अनोखी है कि सांप मनुष्यों को पहचान सकते हैं और अपने स्वामी/मालिक की गंध को भी समय के साथ पहचान लेते हैं।

सांपों के बारे में कुछ रोचक तथ्य

1. इनका परिवार बहुत बड़ा होता है।

2. यह सूर्य की किरणों से उर्जा लेते हैं एवं उसी गर्मी पर निर्भर रहते हैं।

3. सांप की आंखों में पलक नहीं होती है।

4. सांप के सूंघने कि शक्ति उनकी जबान में होती है।

कोबरा के डसने के लक्षण

1. काटने की जगह घाव होना

2. त्वचा का रंग बदलना

3. सूजन आना

4. कंपकंपी होना

5. उल्टी आना

6. मुंह से झाग निकलना

7. आंखों का धुंधलापन

8. पसीना आना

9. बेहोशी आना

10. एलर्जी होना

11. घाव के चारों ओर सूजन, जलन एवं लाल होना

12. दस्त

13. बुखार

14. पेट दर्द

15. सिर दर्द

16. नब्ज का तेज होना

17. थकान

18. प्यास लगना

19. मांसपेशी की कमजोरी

20. सांस लेने में कठिनाई

21. धुंधली दृष्टि

सांप के डसने पर तुरंत क्‍या करें

प्रो राजीव ने बताया कि प्राथमिक इलाज वह इलाज होता है जो सांप के डसने के बाद एंव अस्पताल के पहुंचने के बीच में किया जाता है। यह समय बहुत कीमती होता है एवं रोगी की हालत हर मिनट बिगड़ सकती है इसलिए 1. सांप के काटने के बाद घबरायें नही 2. तुरन्त डॉक्टर को फोन करें एवं अस्पताल ले जाने की तैयारी करें। 3. रोगी को जमीन पर आराम की अवस्था में लेटा दें। 4. सांप काटने के घाव को पानी एवं साबुन से धोयें। 5. जहां सांप ने काटा है वहां किसी साफ कपड़े से ढंक दें।

6. रोगी अगर अंगुठी, घड़ी, चूड़ी इत्यादि‍ पहने हो तो उसे निकाल दें।

7. कटे वाले भाग को स्थिर रखें एवं ज्यादा चलायें नहीं  और एक

खपच्ची बांध दें।

8. रोगी को तुरन्त अस्पताल लेकर जायें।

सांप काटने के बाद क्या न करें

अगर किसी मनुष्य को सांप ने काटा है तो यह भी आवश्यक है कि क्या

चीज नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह करने से अत्यधिक हानि‍ होगी।

1. जिस सांप ने काटा है, उसको पकड़ने कि कोशिश न करें, मारने की

कोशिश न करें

2. मरा हुआ सांप भी खतरनाक होता है, उसे ना छुएं।

3. सांप के कटे हुए सिर से भी दूर रहें, क्योंकि वो भी डंक मार सकता

है।

4. टूनिकेट (रक्तबंद ना लगायें) – डसे हुए हिस्से के आगे या उपर कोई

कपड़ा या रस्सी न बांधें।

5. सर्पदंश के घाव को चाकू से न काटें।

6. सर्पदंश के घाव को मुंह से ना चूसें

7. सर्पदंश के घाव पर बर्फ न लगायें एवं पानी में न डुबायें।

8. सर्पदंश के रोगी को मादक पदार्थ न पिलायें।

9. सर्पदंश के रोगी को दर्द निवारक दवा भी न दें।

प्रो राजीव ने बताया कि सांप के काटने पर रोगी के सर्पदंश के प्रभाव से मुक्त होने के बाद प्लास्टिक सर्जन को जरूर दिखाएं, क्‍योंकि कभी-कभी घाव की स्थिति ऐसी हो जाती है कि वह भरता नहीं है और सड़ता रहता है। ऐसे में प्‍लास्टिक सर्जन की भूमिका महत्‍वपूर्ण हो जाती है।

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