-केजीएमयू के सर्जरी विभाग में आयोजित कार्यक्रम में ब्रेस्ट कैंसर को हराने वाली ‘विजेताओं’ ने सुनाये अपने-अपने अनुभव

सेहत टाइम्स
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सोनिया नित्यानन्द ने डॉक्टरों का आह्वान किया है कि ब्रेस्ट कैंसर बीमारी में बहुत डेवलेपमेंट हुए हैं, मेरा यह सुझाव है कि इतनी बड़ी संख्या में आप लोग मरीजों का उपचार करते हैं, इसलिए उपचार के साथ ही आप लोग इसमें शोध करें, क्योंकि कैंसर में बहुत से इंडीव्यूजलाइज्ड ट्रीटमेंट हैं जो कैंसर की जेनेटिक पर निर्भर हैं। यह जानने की जरूरत है कि कैंसर में कौन से रिसेप्टर एक्सप्रेस होते हैं और उसकी जेनेटिक्स क्या है।
डॉ सोनिया ने यह सुझाव केजीएमयू के सर्जरी विभाग में 25 अक्टूबर को वूमेन इम्पावरमेन्ट ग्रुप की सदस्य एवं सर्जरी विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डॉ० गीतिका नन्दा सिंह द्वारा ब्रेस्ट कैंसर सर्वाइवर्स पर आयोजित ‘विजेता स्पिरिट ऑफ़ कैंसर कॉन्कर्स’ कार्यक्रम में अपने उद्बोधन के दौरान दिया। उन्होंने ब्रेस्ट कैंसर को हराने वाली विजेता (कैंसर सर्वाइवर्स) का अभिनंंदन करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण का यह एक अच्छा उदाहरण है कि महिलाओं ने कैंसर जैसी बीमारी पर विजय पायी है। उन्होंने कहा कि मेरी यह अपील है कि विजेता इलाज करा रही दूसरी पीडि़ताओं को साहस दें तथा साथ ही समाज में भी यह मैसेज दें कि ब्रेस्ट कैंसर पर विजय पायी जा सकती है, इसके लिए शुरुआत में ही इसे डायग्नोस किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि डायग्नोस करने का आसान तरीका है स्तन का स्वत: परीक्षण। ज्ञात हो स्वत: परीक्षण में महिला आईने के सामने खड़ी होकर स्वत: परीक्षण करती है। उन्होंने कहा कि हालांकि जो लोग मैमोग्राफी करा सकते हैं, वे करायें, लेकिन मेमोग्राफी की सुविधा सब जगह संभव न होने के कारण, स्वत: परीक्षण किया जाना ज्यादा आसान है। उन्होंने कहा कि जरा सा भी शक हो तो चिकित्सक को जरूर दिखाना चाहिये, जिससे अगर कैंसर है भी तो शुरुआत में उपचार किया जा सके।

केजीएमयू में बनेगा डेडीकेटेड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वीमेंस हेल्थ
कुलपति ने कहा कि केजीएमयू का महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ अच्छा कार्य कर रहा है। केजीएमयू का अगला लक्ष्य इसमें और बढ़ोतरी करना है जिसके तहत क्वीनमैरी के पीछे जो केजीएमयू की जमीन है, वहां हम लोग समर्पित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वीमेंस हेल्थ स्थापित करेंगे, जिसमें रिप्रोडक्टिव पार्ट से सम्बन्धित कारणों को जानकर उनका उपचार किया जायेगा। कुलपति ने कहा कि यही नहीं, इसमें हम एक वीमेन्स सीसीएम (क्रिटिकल केयर मेडिसिंस) भी बनायेंगे जिससे मातृ मृत्यु दर कम हो सके।



कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में शामिल बॉलीवुड सिंगर व यूपी में डिप्टी कमिश्नर ऑफ जीएसटी अनुपमा राग ने कैंसर सर्वाइवर ‘विजेताओं’ को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप लोगों को देखकर मुझे बहुत गर्व की अनुभूति होती है। आज के मौके पर मैं आप सबसे इंस्पायर होना चाहती हूं। यहां जितनी भी विजेता बैठी हैं, सबके चेहरे के पीछे एक कहानी है, जिसे मैं पढ़ सकती हूं। उन्होंने कहा कि जिस दिन डॉक्टर यह बताता है कि आपको कैंसर है, उसी दिन से इमोशनल, स्प्रिचुअल, फाइनेंशियल जंग शुरू हो जाती है, और आप सबने उस जंग को जीता है, मेरा आपको सलाम है। इस मौके पर अनुपमा ने विजेताओं के सम्मान में दो गीत …एक प्यार का नगमा है… और…ये हौसला कैसे झुके… भी सुनाये।

इस मौके पर स्तन कैंसर को मात दे चुकीं अनेक विजेताओं ने सामने आकर अपनी संघर्ष की कहानी सभी के साथ साझा की। इन महिलाओं ने बताया कि इलाज के लिए हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी ने होने पर हमारा कैंसर कार्ड बना दिया गया, जिससे मेरा पूरा इलाज हुआ। दिल्ली से आयीं कैंसर विजेता ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि बीमारी से डरना नहीं चाहिये, लड़ना चाहिये, इसी से जीत मिलेगी। उन्होंने बताया कि मेरी छह सर्जरी और 16 कीमोथैरेपी हुईं थीं, मुझे घरवालों के साथ ही यहां अस्पताल में सभी से पूरा सहयोग प्राप्त हुआ। स्तन कैंसर से स्वस्थ हुई एक महिला ने बताया कि कैसे रेडिएशन के बाद उनकी छाती जल गई और डॉ गीतिका नंदा और उनकी टीम ने उनका पूरा साथ दिया और आज बिल्कुल ठीक है इसी तरह और मरीज ने भी अपनी बातें रखीं एवं अपना अनुभव साझा किया। सभी मरीजों को उपहार एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में 65 ब्रेस्ट कैंसर महिलायें जो पूर्ण रूप से इलाज कर स्वस्थ हो चुकी हैं, शामिल हुईं। इन सभी महिलाओं ने उनका उपचार करने वाली इस कार्यक्रम की आयोजक सर्जरी विभाग की एडिशनल प्रोफेसर डॉ गीतिका नंदा सिंह की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
महिला सशक्तिकरण की अध्यक्ष विभागाध्यक्ष एनॉटमी विभाग डॉ पुनीता मानिक ने विजेताओं से कहा कि मुझे यह अहसास है कि आपने जो शारीरिक कष्ट, भावनात्मक उथल-पुथल को सहा होगा, अपनी आत्मा की शक्ति से इस लड़ाई को जीता है, इसीलिए आपका नाम विजेता रखा है। उन्होंने कहा कि आप लोग दूसरों को भी जागरूक करें, हिम्मत दें, उन्होंने इसके लिए नर्सिंग स्टाफ सहित पूरे सर्जरी विभाग की भी सराहना की।
लखनऊ ऑब्स्टेट्रिक एंड गाइनीकोलॉजिकल सोसाइटीज लॉग्स की प्रेसिडेंट डॉ प्रीती कुमार ने कहा कि ईश्वर आपके हाथ इतने मजबूत करें कि आप बहुत से विजेता तैयार कर सकें। उन्होंने शीघ्र डायग्नोसिस के लिए जागरूकता पर जोर दिया। केजीएमयू के जनरल सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ अभिनव अरुण सोनकर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए डॉ गीतिका को पूरे समर्थन का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में डीन एकेडमिक डॉ अमिता जैन, लॉग्स की सेक्रेटरी केजीएमयू के ऑब्स एंड गाइनी विभाग की प्रोफेसर सीमा मेहरोत्रा, आई कैन फाउंडेशन की यूपी/उत्तराखंड की स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ योगिता भाटिया, डॉ अंजू अग्रवाल, दीपा खत्री ने भी सम्बोधित किया। दंत संकाय की डॉ राजेश्वरी सिंघल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस कार्यक्रम के दौरान पैरामेडिकल के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करके लोगों को ब्रेस्ट कैसर के बारे में जागरुक किया एवं इसके साथ ही स्लोगन, कैनवस पेंटिंग एवं हैंडीक्राफ्ट प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। सभी -प्रतिभागियों को ट्रॉफी एवं सर्टिफिकेट देकर पुरस्कृत किया गया।
