प्रधानमंत्री जी-मुख्‍यमंत्री जी, हम कर्मचारियों की आपसे अपील है…

-भत्‍तों की कटौती के विरोध में कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री व मुख्‍यमंत्रियों को भेजा ज्ञापन

-इप्‍सेफ के आह्वान पर देश भर में काला फीता बांधकर किया कर्मचारियों ने कार्य

-उत्‍तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में विभिन्‍न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया आंदोलन में

लखनऊ में बलरामपुर अस्‍पताल व डॉ श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्‍पताल
आगरा में नगर निगम व फील्‍ड में कार्यरत गन्‍ना पर्यवेक्षक

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। भत्तों की कटौती के विरोध में आज देशभर के केंद्रीय एवं राज्य के कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध प्रकट किया तथा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन भेजा। खासतौर से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक में इसका विशेष प्रभाव दिखा उत्तर प्रदेश के लखनऊ सहित 75 जनपदों में व्यापक असर दिखाई दिया क्योंकि यहां सभी भत्ते समाप्त कर दिए गए हैं।

लखनऊ में डीपीएमआर (लिम्‍ब सेंटर) व केजीएमयू

यह जानकारी देते हुए इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी पी मिश्र एवं महामंत्री प्रेम चंद्र ने बताया कि सभी राज्यों के नेताओं ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि भत्तों की कटौती को वापस किया जाए। इन नेताओं ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि भत्तों की कटौती के निर्णय को वापस लेकर कर्मचारियों के कष्टों का निवारण करें। अध्यक्ष एवं महामंत्री ने खेद व्यक्त किया कि कोविड-19 की बीमारी से जूझ रहे मरीजों की देखरेख में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर, नर्सेस, पैरामेडिकल स्टाफ, वार्ड बॉय एवं अन्य सफाई कर्मचारी जान पर खेलकर मरीजों की सेवा में लगे हैं साथ ही अन्य विभागों के कर्मचारी भी अपनी सेवाएं अनेकों प्रकार से दे रहे हैं। अन्य कर्मचारी भी अनेकों प्रकार से कष्ट झेल रहे हैं।

लखनऊ में वन विभाग और भंडारण निगम

लॉकडाउन में बढ़ती महंगाई से भी उनका परिवार संकट में है। ऐसी परिस्थिति में उन्हें पुरस्कार देने के बजाय भत्तों की कटौती न करना तथा बेरोजगार मजदूरों को रोजगार देने की नितांत आवश्यकता है। विकट परिस्थिति के बावजूद कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं और आगे भी देते रहेंगे।

लखनऊ में डॉ श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी(सिविल) अस्‍पताल की इमरजेंसी व बाल महिला चिकित्‍सालय रेडक्रॉस भवन

राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद के महामंत्री व इप्सेफ के राष्ट्रीय सचिव अतुल मिश्रा ने बताया कि परिषद के सम्बद्ध संगठन के प्रांतीय पदाधिकारियों ने बलरामपुर चिकित्सालय में एकत्रित होकर इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी पी मिश्रा के नेतृत्व में काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कराते हुए कार्यक्रम सम्पन्न कराया। इसमें परिषद के अध्यक्ष सुरेश रावत, संगठन प्रमुख के के सचान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश चन्द्र मिश्र, प्रवक्ता अशोक कुमार, उपाध्यक्ष सुनील यादव, धनन्जय तिवारी, सर्वेश पाटिल, सुनील कुमार मीडिया प्रभारी, कमल श्रीवास्तव का सचिव,अशोक कुमार वेटनरी फार्मासिस्ट, बी एन मिश्रा समाज कल्याण, राजीव तिवारी डेन्टल, सुभाष श्रीवास्तव जिला अध्यक्ष, संजय पाण्डेय मंत्री के साथ विभिन्न विभागों में जैसे वन विभाग में डॉ पी के सिंह व आशीष पाण्डेय, लोहिया अस्पताल में डी डी त्रिपाठी व राम मनोहर कुशवाहा, लोहिया संस्थान में अमित शर्मा, के जी एम यू में प्रदीप गंगवार, एस जी पी जी आई में सिमा शुक्ला, सिविल अस्पताल में जी सी दुबे, जे पी मौर्य वाणिज्य कर मुख्यालय में, गन्ना विभाग में अभय पाण्डेय, स्वास्थ भवन में एस ए मुगनी व संतोष जौहरी के नेतृत्व में,रोडवेज, कृषि, सिचाई विभाग, सूचना आदि कार्यालयों में कर्मचारियों ने कार्यक्रम को सफलता पूर्वक सम्पन्न कराया, साथ ही सभी कर्मचारी प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री कार्यालय को ईमेल, ट्वीट किया। सभी कार्यालयों में कर्मचारियों ने व्यक्तिगत दूरी बनाते हुए कर्मचारियों के साथ हो रहे इस सौतेलेपन का विरोध किया।

लखनऊ नगर निगम

श्री मिश्रा ने कहा कि कर्मचारियों में अत्यंत आक्रोश व्याप्त है कोरोना जैसी महामारी से लड़ने में प्रदेश का हर कर्मचारी जी जान से लगा हुआ है अपनी जान की परवाह नहीं कर रहा है कर्मचारी दिन रात एक कर 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें पुरस्कृत और सम्मानित करने के स्थान पर उनका महंगाई भत्ता व 06 भत्तों को स्थगित करने के उपरांत कुछ ही दिन बाद समाप्त करने का निर्णय निश्चित रूप से गरीब कर्मचारियों के प्रति सरकार का रुख नकारात्मक सिद्ध हो रहा है भत्तों की कटौती निश्चित ही अत्यंत पीड़ादायक है, कर्मचारी स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे है ।

देखें वीडियो- इप्‍सेफ के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष वीपी मिश्र ने की भत्‍ते कटौती का निर्णय वापस लेने की अपील