इप्‍सेफ की मांगों पर पीएमओ का सचिवों को काररवाई का निर्देश

-13 दिसम्‍बर को सौंपे गये पत्र की मांगों पर बनी थी सैद्धांतिक समिति

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्‍सेफ) की मांगों पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने सम्‍बन्धित विभागों के सचिवों को निर्देश दिये हैं कि मांगों पर तत्‍काल उचित काररवाई करे तथा इसकी सूचना पीएमओ और इप्‍सेफ के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष को भी भेजे।

इप्‍सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी पी मिश्र तथा महामंत्री प्रेमचंद्र ने यह जानकारी देकर कहा गया है कि 13 दिसंबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके कैबिनेट सचिव, मुख्य सलाहकार पी के सिन्हा के माध्यम से 16 सूत्री मांग पत्र दिया गया था और उस पर विस्तार से चर्चा भी हुई थी और मांगों पर सैद्धान्तिक सहमति बनी थी।

उन्‍होंने बताया कि पी एम ओ ने 16 सूत्री मांग पत्र को संबंधित विभागीय सचिवों का पत्र भेजकर उनसे कहां है कि उनसे संबंधित मांगों पर तत्काल उचित कार्यवाही कर के निर्णय से पी एम ओ एवं वी पी मिश्र राष्ट्रीय अध्यक्ष (इप्सेफ) को अवगत कराएं। इप्सेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष से पत्र में यह भी कहा गया है कि वह संबंधित सचिवों से स्वयं भी संपर्क कर के मांगों पर निर्णय कराने में सहयोग करें। जिन विभागीय सचिवों को पत्र भेजा गया है उनमें प्रमुख सचिव कार्मिक, वित्त, लीव एण्ड एलाउंसेस, व्यय, सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ टैक्स, पब्लिक एंड इंटरप्राइजेज, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पेंशन तथा पेंशनर्स कल्याण, महिला एवं बाल विकास, श्रम एवं सेवायोजन, प्रशासनिक सुधार एवं जनसुनवाई।

प्रधानमंत्री को दिए गए ज्ञापन में प्रमुख मांगे हैं, राष्ट्रीय आयोग का गठन, पुरानी पेंशन की बहाली, आयकर सीमा 8 लाख करने, रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियां, आउटसोर्सिंग/ संविदा /दैनिक कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन एवं कर्मचारियों के विनियमितीकरण करने की नीति बनाने, बोनस का भुगतान, कैशलेस इलाज, ट्रेड यूनियन अधिकार देने, 7 वर्ष की सेवा पर ए०सी०पी देने, मृतक आश्रितों के आश्रित को प्राप्त अंतिम वेतन के बराबर पेंशन देने, योग्यता के अनुसार विभाग में नियुक्ति देने, उपार्जित अवकाश 300 दिनों के आगे लीव को समाप्त न किया जाए तथा उपार्जित अवकाश लेने पर उनमें छुट्टियों को ना जोड़ा जाए तथा कार्यालय समय के 8 घंटे को कम करके 6 घंटे रखा जाए।

इप्सेफ ने नाराजगी व्यक्त की है कि बजट में आयकर सीमा को बढ़ाकर आठ लाख करने की मांग स्वीकार नहीं की गई है पुनर्विचार की अति आवश्यकता है। उपाध्यक्ष शिव कुमार पाराशर, विष्णु भाई पटेल, वी एन सिंह, सुभाष गांगुडे, एच के शांडिल, एम के शुक्ला, सचिव अतुल मिश्रा, दीपक कुमार मुख्य सलाहकार, दीपक ढोलकिया ने संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री जी से आग्रह किया है कि मांगों पर अपनी अध्यक्षता में बैठक हेतु समय व तिथि निर्धारित करने की कृपा करें।

इप्सेफ ने पूर्व से ही भेंट करने का समय मांग रहा है। प्रधानमंत्री के कार्यालय द्वारा संबंधित विभागीय सचिवों को पत्र भेजकर वांछित कार्यवाही के निर्देश देने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया है। उन्‍होंने कहा कि इप्सेफ को विश्वास है कि प्रधानमंत्री देशभर के 5 करोड़ कर्मचारियों की समस्याओं को मिलकर बैठक कर अवश्य समाधान निकालेंगे।