पांच माइक्रोस्कोप स्थापित, रेजीडेंट को भी मिलेगा उच्च प्रशिक्षण
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्व विद्यालय (केजीएमयू) के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में होने वाली जटिल सर्जरी को अब और भी धार मिलेगी। शनिवार को विभाग में ”माइक्रोसर्जरी स्क्लि लैब“ का उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर एम.एल.बी. भट्ट द्वारा किया गया। माइक्रोस्कोप की स्थापना विभाग के नवीन बेसमेंट में की गयी है। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के नवीयन बेसमेन्ट में स्थापित प्रातः 10ः00 बजे उद्घाटन किया गया।
आपको बता दें कि माइक्रोसर्जरी स्क्लि लैब में 5 माइक्रोस्कोप स्थापित किये गये हैं। जिसमें एक साथ 8 अभ्यर्थी माइक्रोसर्जरी का प्रशिक्षण ले सकते हैं। उद्घाटन के बाद विभाग में सभी रेजिडेन्ट डाक्टरों से कुलपति ने परिचय प्राप्त किया और विभाग में नये प्रवेषी सीनियर रेजिडेन्ट डाक्टरों का स्वागत भी किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कुलपति ने कहा कि माइक्रोसर्जरी लैब की प्लास्टिक सर्जरी विभाग को नितान्त आवश्यकता थी क्योंकि प्लास्टिक सर्जरी विभाग में अधिकांश आपरेशन अतिसूक्ष्म विधियों से किये जाते हैं एवं अत्यन्त बारीकी का काम होता है।
विभाग में अध्ययनरत् रेजिडेन्ट डाक्टरों के साथ-साथ अन्य चिकित्सीय संस्थाओं के डाक्टर भी इस माइक्रोसर्जरी स्क्लि लैब से प्रषिक्षण प्राप्त कर सकेंगें। माइक्रोसर्जरी का उपयोग मुक्त ऊतक स्थानांतरण का उपयोग कर स्तन का पुनर्निर्माण, सिर और गर्दन पुनर्निर्माण, कुछ प्रकार के मांसपेशियों के पक्षाघात के लिए मुक्त मांसपेशियों के स्थानांतरण को कार्यावान्वित करना, संवहनी हड्डी फ्लैप स्थानांतरण, जटिल घाव पुनर्निर्माण, नर्व रिपेयर एवं ग्राफ्टिंग, लिम्फैटिक पुनर्निर्माण इत्यादि में किया जाता है। सूक्ष्म तकनीक से विच्छेदित अंगों और नसों को पुनः जोड़ने के कई आपरेशन प्लास्टिक सर्जरी विभाग में सफलतापूर्वक किये जा चुके हैं। यहाँ के कुशल डाक्टरों की टीम माइक्रोसर्जरी का प्रशिक्षण देगी जिससे माइक्रोसर्जरी का विस्तार चहुंदिशाओं में पहुंचे जिससे रोगियों को त्वरित लाभ मिल सके।
इस अवसर पर प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ए.के. सिंह, प्रोफेसर विजय कुमार, प्रोफेसर बृजेश मिश्रा, एसोसिएट प्रोफेसर डा. वीरेन्द्र प्रसाद, एसोसिएट प्रोफसर डा. दिव्य नारायण उपाध्याय के साथ चिकित्सा विशव विद्यालय के जनरल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर विनोद जैन उपस्थित रहे। इसके अलावा विभाग के समस्त सीनियर व जूनियर रेजिडेन्ट, सिस्टर, नर्स, पैरामेडिकल, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारीगण भी उपस्थ्ति रहे।
