Wednesday , February 4 2026

लिवर सिरोसिस में बार-बार हो रहे रक्त स्राव पर PARTO से पाया काबू

-केजीएमयू के मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में पहली बार संपन्न हुई पार्टो प्रक्रिया

-लिवर सिरोसिस की गंभीर स्थिति से पीड़ित महिला को मिली राहत 

सेहत टाइम्स

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग ने इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग के सहयोग से पहली बार प्लग-असिस्टेड रेट्रोग्रेड ट्रांसवेनस ऑब्लिटरेशन (पार्टो) (PARTO) प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गयी।

यह प्रक्रिया हरदोई की रहने वाली 55 वर्षीय महिला पर की गई, जो हेपेटाइटिस सी के कारण लिवर सिरोसिस की गंभीर स्थिति से पीड़ित थीं और एंटीवायरल थेरेपी ले रही थीं। वे ऊपरी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रक्तस्राव की शिकायत के साथ मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में आईं थीं।

प्रारंभिक एंडोस्कोपिक जांच में रोगी में गैस्ट्रिक वैरिसेस पाए गए, जिनका एंडोस्कोपिक ग्लू इंजेक्शन द्वारा सफलतापूर्वक उपचार किया गया। हालांकि, इसके बाद रोगी को पुनः रक्तस्राव होने लगा। पेट के कॉन्ट्रास्ट-एनहांस्ड सीटी (सीईसीटी) स्कैन से आगे की जांच में गैस्ट्रो-रीनल शंट की उपस्थिति का पता चला।

बार-बार होने वाले रक्तस्राव और रेडियोलॉजिकल निष्कर्षों को देखते हुए, रोगी का उपचार पार्टो (प्लग-असिस्टेड रेट्रोग्रेड ट्रांसवेनस ऑब्लिटरेशन) द्वारा किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान, गैस्ट्रो-रीनल शंट को पूरी तरह से बंद करने के लिए डैक्रॉन फाइबर युक्त नाइट्रिनोल-आधारित वैस्कुलर प्लग (16 मिमी × 12 मिमी) लगाया गया। इससे रक्तस्राव पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाया गया।

रोगी की नैदानिक स्थिति में अच्छा सुधार हुआ, उसे सफलतापूर्वक अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और वर्तमान में वह मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी आउट पेशेंट विभाग में नियमित फॉलो-अप पर हैं।

बीमारी के प्रोसीजर को मेडिकल गैस्ट्रोइन्टरोलॉजी विभाग के डा0 सुमित रुंगटा, विभागाध्यक्ष एवं डा0 अनन्य गुप्ता, सहायक आचार्य तथा रेडियोलॉजी विभाग के डा0 अनित परिहार, डा0 सौरभ गुप्ता तथा डा0 सिद्धार्थ द्वारा किया गया। मरीज की देखरेख एवं समस्त प्रक्रिया में मेडिकल गैस्ट्रोइन्टरोलॉजी विभाग के डा0 शशांक गुप्ता तथा डा0 तुषार कुन्डू का भी अहम योगदान रहा।