अब अगर बिना मुंह-नाक ढंके बाहर निकले तो होगी कानूनी कार्रवाई

-उत्‍तर प्रदेश सरकार ने थ्री लेयर मास्‍क या कपड़े से बने तीन परत वाले मास्‍क का प्रयोग करने की दी सलाह

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी की रोकथाम के प्रयासों के क्रम में चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा फेस कवर पहनना आवश्यक बताया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने घर से बाहर निकलने पर इसे सभी व्यक्तियों के लिए पहनना अनिवार्य कर दिया है यही नहीं सार्वजनिक स्थानों पर बिना फेस कवर के जाने पर एपिडेमिक 12897 एवं उत्तर प्रदेश एपिडेमिक डिजीज कोविड-19 की नियमावली 2020 का उल्लंघन माना जाएगा, तथा इसका पालन न करने पर उस व्‍यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के स्वास्‍थ्‍य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद द्वारा इस आशय के जारी ज्ञाप में कहा गया है कि इसके लिए बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्‍क का प्रयोग किया जा सकता है अथवा किसी साफ कपड़े से स्वयं ही तीन परत वाला फेस कवर बनाया जा सकता है। इस फेस कवर को साबुन से सफाई से धोकर पुन: प्रयोग में लाया जा सकता है।

उन्‍होंने कहा है कि इस बाजार वाला फेस मास्‍क उपलब्ध न होने की स्थिति में गमछा, रूमाल, दुपट्टा इत्यादि को भी फेस कवर के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कभी भी उपयोग में लाया हुआ फेस कवर, गमछा आदि बिना साबुन से अच्छी तरह साफ किए दोबारा उपयोग में न लाया जाये। उन्‍होंने कहा है कि एन95 मास्‍क का प्रयोग केवल चिकित्सा कर्मियों द्वारा ही किया जाना संस्‍तुत है।