यूपी बोर्ड की कॉपी जांच रहे शिक्षकों के लिए जरूरी सुविधायें मुहैया करायी जायें

-उत्‍तर प्रदेश माध्‍यमिक शिक्षक‍ संघ (चंदेल गुट) के पदाधिकारियों ने कहा, कोरोना वारियर की तरह इन शिक्षकों का भी करायें 50 लाख का बीमा

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट), जनपद लखनऊ ने मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों को हो रही परेशानियों को ध्यान में रखते हुए शासन से आवश्‍यक सुविधाओं की व्यवस्था करवाने की मांग की है। इनमें मास्क तथा सैनिटाइजर की व्यवस्था प्रत्येक कमरे में करवाने सहित अन्‍य मांगें भी शामिल हैं।

यह मांग उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुटके प्रदेशीय मंत्री एवं प्रवक्ता डॉ महेंद्र नाथ राय, मंडलीय मंत्री सुशील पांडे, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य निर्मल श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) जनपद – लखनऊ के जिला अध्यक्ष विनोद मिश्रा, जिला उपाध्‍यक्षों डॉ रामचंद्र गौतम, अरुण वर्मा, बदरू जमा सिद्दीकी, मीना वर्मा, पी सी मौर्य, प्रदीप कुमार वीरेंद्र सिंह, रिंकी सिंह रमेश चंद्र, राजेंद्र प्रसाद यादव, निर्मेश पांडे, अजय सिंह व के के सचान, जिला मंत्री राजकुमार गौतम, संगठन मंत्री बृजेश शर्मा, जिला कोषाध्‍यक्ष अभिषेक श्रीवास्‍तव, आय-व्‍यय निरीक्षक सरोज त्रिपाठी, संयुक्‍त मंत्रियों मनोज कुमार श्रीवास्तव, प्रज्ञा श्रीवास्तव, चंद्रभान सिंह, सुधा गुप्ता, विश्वनाथ सिंह, निशांक शर्मा,इंकलेश यादव, वीरेंद्र श्रीवास्तव, विजय प्रकाश त्रिपाठी, जयदीप किशोर यादव व अजय पांडेय ने मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षकों के लिए प्रशासन से आवश्‍यक सुविधाओं की व्यवस्था करवाने की मांग की है।

इन सुविधाओं में शुद्धता पूर्ण जल तथा गुणवत्तापूर्ण खाने पीने की व्यवस्‍था करवाने, प्रकाश और पंखे की भी समुचित व्यवस्था करवाने की मांग की है। पदाधिकारियों का कहना है कि मूल्यांकन केंद्रों पर आपातकालीन चिकित्सा की व्यवस्था भी करवाने का प्रयास किया जाना चाहिये।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि परिवहन के साधन नहीं चल रहे हैं जिसके कारण वृद्ध एवं महिला शिक्षकों को मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचने में परेशानी हो रही है, उनके लिए प्रशासन से अनुरोध है कि आवागमन का साधन उपलब्ध करवाया जाए तथा पिछले वर्ष के मूल्यांकन के पारिश्रमिक का भुगतान भी तत्काल करवाया जाए। पदाधिकारियों ने मांग की है कि मूल्यांकन पारिश्रमिक की दर सी बी एस ई के बराबर की जाए तथा कोरोना वारियर्स की तरह मूल्यांकन में लगे प्रत्येक शिक्षक का 50 लाख का बीमा करवाया जाए।