-भारतीय मजदूर संघ, अखिल भारतीय स्वास्थ्य एवं एनएचएम कर्मचारी महासंघ ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सेहत टाइम्स
लखनऊ। भारतीय मजदूर संघ, अखिल भारतीय स्वास्थ्य एवं एनएचएम कर्मचारी महासंघ (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ) के संयुक्त तत्वावधान में श्रमिकों, कर्मचारियों एवं आमजन के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को लेकर लखनऊ के जिलाधिकारी के माध्यम से आज 18 मार्च को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया।
यह जानकारी संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री, भारतीय मजदूर संघ, लखनऊ के संयुक्त मंत्री योगेश उपाध्याय ने देते हुए बताया कि यह ज्ञापन दिनांक 10-12 फरवरी, 2025 को गुवाहाटी (असम) में सम्पन्न हुई भारतीय मजदूर संघ की 158वीं अखिल भारतीय कार्यसमिति बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार तैयार किया गया, जिसमें श्रमिकों, कर्मचारियों एवं आमजन के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया था।
उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव में भारतीय मजदूर संघ ने सरकार से जिन मांगों को पूरा करने की मांग की है उनमें


1. EPS 95 की न्यूनतम पेंशन ₹5000 तत्काल किए जाने एवं अंतिम रूप से वेतन का 50% + महंगाई राहत पेंशन का भुगतान किए जाने की मांग।
2. EPF की वेतन सीमा ₹15000 से बढ़ाकर ₹30000 तथा ESIC की वेतन सीमा ₹21000 से बढ़ाकर ₹42000 करने की मांग।
3. सार्वजनिक संपत्तियों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग।
4. बीमा/वित्तीय क्षेत्र में 100% विदेशी निवेश पर रोक लगाने की मांग।
5. स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन एवं सामाजिक सुरक्षा देने की मांग।
6. असंगठित क्षेत्र के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराए जाने की मांगें शामिल हैं।
श्री उपाध्याय ने बताया कि साथ ही अखिल भारतीय स्वास्थ्य एवं एनएचएम कर्मचारी महासंघ (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ) के आह्वान पर एनएचएम कर्मचारियों की मांगों को लेकर एक पृथक ज्ञापन भी सौंपा गया। महासंघ द्वारा की जाने वाली मांगों में
1. स्वास्थ्य एवं एन.एच.एम कर्मचारियों को नीति के तहत सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए।
2. स्वास्थ्य एवं एन.एच.एम कर्मचारियों के लिए कर्मचारी कल्याण बोर्ड या आयोग का गठन किया जाए।
3. ‘एक राष्ट्र, एक स्वास्थ्य और एक मानव संसाधन’ नीति को लागू किया जाए।
4. सामाजिक सुरक्षा के तहत पीएफ, पेंशन, ग्रेच्युटी, ईएसआई, बीमा एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाएं दी जाएं।
5. समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ दिया जाए, सेवा निवृत्ति के बाद 10 लाख रुपये का एकमुश्त भुगतान हो और सेवा निवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित की जाए।
6. आगामी भर्तियों में स्वास्थ्य एवं एन.एच.एम कर्मचारियों को आयु में छूट, प्राथमिकता और वरीयता दी जाए।
7. आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों को सरकार से सीधे वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जैसी मांगें शामिल हैं।
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के मौके पर भारतीय मजदूर संघ के प्रमुख कार्यकर्ताओं में जिला अध्यक्ष मिथिलेश, हर शरण मिश्रा, विभाग प्रमुख सुशील श्रीवास्तव तथा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राकेश सिंह, परिवहन के क्षेत्रीय अध्यक्ष राकेश बाली तथा कार्यकारी अध्यक्ष आमिर, रजनीश मिश्रा तथा दानिश एवं बैंक, राज्य पर्यटन निगम, नगर निगम, जलसंस्थान लखनऊ विकास प्राधिकरण, राज्य कर्मचारी, विश्वविद्यालय कार्यकर्ताओं सहित संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश कोषाध्यक्ष आनंद कौशल, अध्यक्ष डॉ. अभयानंद एवं जिला मंत्री संजय वर्मा उपस्थित रहे।
