“महापौर मैडम, मिलने का समय दीजिये ताकि हम अपनी बात कह सकें..”

-एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर्स की लाइसेंस सिस्‍टम के अंतर्गत लाने पर प्रतिक्रिया

-लखनऊ नगर निगम का नया फरमान, चिकित्‍सक समुदाय हो रहा परेशान

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। नगर निगम के एक फरमान से लखनऊ के डॉक्टर परेशान हैं। नगर निगम द्वारा उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 के अनुच्छेद 451 और 452 के तहत एलोपैथिक, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, यूनानी डॉक्टरों की क्लिनिकों तथा पैथोलॉजी और पैथोलॉजी के कलेक्शन सेंटर पर वार्षिक लाइसेंस फीस का निर्धारण किया गया है। इसको लेकर एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर्स, लखनऊ ने महापौर संयुक्ता भाटिया को एक पत्र लिखकर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को उनसे वार्ता का समय देने की मांग की है। ज्ञात हो नगर निगम द्वारा चिकित्‍सकों को लाइसेंस प्रणली के तहत पहली बार लाया गया है।

एसोसिएशन के सचिव डॉ एच जी जोशी द्वारा महापौर को संबोधित पत्र में कहा गया है कि लखनऊ नगर निगम के पत्र के अनुसार एलोपैथिक क्लीनिक और डेंटल सर्जन की क्लीनिक के लिए 10,000 रुपए प्रतिवर्ष, होम्योपैथिक आयुर्वेदिक और यूनानी डॉक्टर के क्लीनिक के लिए 4000 रुपये प्रति वर्ष तथा पैथोलॉजी व पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर के लिए 10,000 रुपये प्रतिवर्ष की लाइसेंस फीस निर्धारित की गई है। सचिव द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि डॉक्टर होने के नाते हम लोग इस अधिनियम के तहत लाइसेंस फीस के अंतर्गत नहीं आते थे। अतः इस अधिनियम में संशोधन कर इसके दायरे से डॉक्टर को अलग रखा जाए।

पत्र में महापौर से अनुरोध किया गया है कि लाइसेंस फीस की इन दरों को लागू करने से पहले इस संबंध में चर्चा करने के लिए एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को समय दें ताकि हम लोग अपनी बात रख सकें। पत्र में अनुरोध किया गया है कि कराधान की अंतर दर तर्कसंगत प्रतीत नहीं होती हैं, क्योंकि 50 बेड वाले नर्सिंग होम और मातृत्व केंद्र से 7,500 चार्ज किए जा रहे हैं जबकि एलोपैथिक क्लीनिकों के लिए इसे 10,000 के रूप में प्रस्तावित किया गया है। इसी प्रकार पैथोलॉजी और कलेक्‍शन सेंटर के लिए भी 10,000 रुपये निर्धारित किये गये हैं।

पत्र में कहा गया है कि इस समय कोई भी वित्तीय बोझ डॉक्टरों और उनके रोगियों के लिए हानिकारक होगा। पत्र में कहा गया है कि अगर फि‍र भी सरकार अगर समझती है कि राजस्‍व में वृद्धि के लिए लाइसेंस शुल्‍क का लिया जाना अनिवार्य है तो एलोपैथिक क्‍लीनिक और पैथोलॉजी लैब के लिए 2000 रुपये, सैम्‍पल कलेक्‍शन सेंटर के लिए 1,000 रुपये, होम्‍योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी डॉक्‍टरों की क्‍लीनिक के लिए 1,000 रुपये का निर्धारण किया जाये, जिससे चिकित्‍सकों और मरीजों पर कम से कम बोझ पड़े।.