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कोरोना वायरस : जानिये, किस जिले के रोगी की जांच कहां होगी

-किन लोगों की जांच होगी इसके लिए भी गाइड लाइन तय कीं

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। कोरोना वायरस की जांच उत्तर प्रदेश में छह जिलों के सात संस्‍थानों की प्रयोगशालाओं में होगी। इन प्रयोगशालाओं में जिन जनपदों की जांच होगी उनका निर्धारण कर दिया गया है। राजधानी लखनऊ में इसकी जांच दो स्‍थानों पर होगी बाकी पांच जिलों में एक-एक संस्‍थान में इसकी व्‍यवस्‍था की गयी है। शासन द्वारा प्रत्येक प्रयोगशाला में इसकी जांच सुविधा 24 घंटे रखी गई है तथा इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही जिन व्‍यक्तियों की यह जांच होनी है, उनकी कैटेगरी भी निर्धारित कर दी गयी है।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की सचिव वी हेकाली झिमोमी द्वारा सभी जिलाधिकारियों और मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा गया है कि लखनऊ के अलावा मेरठ, अलीगढ़, वाराणसी, गोरखपुर, और सैफई स्थित संस्‍थानों में इसकी जांच होगी।  इन प्रयोगशालाओं में लखनऊ ऐसा जिला है जहां दो प्रयोगशालायें हैं, केजीएमयू और संजय गांधी पीजीआई।

मेरठ में स्थित एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में सहारनपुर मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद, बागपत, अमरोहा तथा बिजनौर जिलों के तथा एएमयू अलीगढ़ स्थि‍त मेडिकल कॉलेज में अलीगढ़, कासगंज, एटा, हाथरस, मथुरा, जीबी नगर, बदायूं, संभल, मुरादाबाद एवं रामपुर, केजीएमयू लखनऊ में पीलीभीत, बरेली, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, लखनऊ, हरदोई, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर एवं उन्नाव, संजय गांधी पीजीआई में चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, बाराबंकी, अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, अमेठी, कानपुर नगर, औरैया, रायबरेली, प्रतापगढ़, कानपुर देहात, बी एच यू वाराणसी में वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, भदोही, सोनभद्र, आजमगढ़, बलिया, मऊ, प्रयागराज, कौशांबी एवं फतेहपुर, गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थ नगर, गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, कुशीनगर एवं अयोध्या तथा सैफई इटावा स्थित यू पी आर आई एम एस में फिरोजाबाद, मैनपुरी, जालौन, ललितपुर, महोबा, झांसी, आगरा, कन्नौज, फर्रुखाबाद एवं इटावा के मरीजों की कोरोना वायरस की जांच होगी।

शासन द्वारा जारी किए गए पत्र में पीड़ित रोगियों और हाई रिस्क जनसंख्या को चिन्हित कर समय के अंतर्गत जांच एवं उपचार करने से  इस महामारी के प्रसार को रोकने में सहायता मिलेगी। हाई रिस्क के तहत जो कैटेगरी निर्धारित की गई है उनमें अंतरराष्ट्रीय यात्रा के 28 दिनों के अंदर, कोविड 19 के लक्षणों वाले व्यक्ति, कोविड-19 रोगी के संपर्क में आने वाले ऐसे व्यक्ति जिनमें लक्षण उत्पन्न हो गए हों, कोविड-19 रोगी के साथ एक ही घर में रहने वाले व्यक्ति, सीवियर एक्यूट रेस्पिरेट्री रोग बुखार, खांसी और अथवा सांस की बीमारी वाले सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों में भर्ती रोगी, 28 दिनों के भीतर तबलीगी जमात में भाग लेने वाले सभी व्यक्ति, कोविड-19 रोगियों की देखभाल में लगे स्वास्थ्य कर्मी जिनमें लक्षण उत्पन्न हो गए हों अथवा वह स्वास्थ्य कर्मी, जिन्होंने पर्याप्त सुरक्षा के बिना कोविड-19 की जांच की हो तथा गंभीर लक्षण वाले अंतराज्‍यीय यात्री शामिल हैं।