-केजीएमयू से आईआईएम रोड स्थित शहीद स्मारक पार्क तक छात्र-छात्राओं ने निकाली साइकिल यात्रा
-जनजागरूकता अभियान में मौजूद रहे कौशल किशोर के साथ विधायक जयदेवी व अमरेश कुमार
सेहत टाइम्स
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय केजीएमयू में कुलाधिपति एवं कुलपति द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में अधिष्ठाता, छात्र कल्याण द्वारा आज 23 मार्च को प्रातः 6 बजे से केजीएमयू के प्रशासनिक भवन स्थल से केजीएमयू द्वारा गोद लिये गांवों के ग्रामीण वासियों के मध्य “नशामुक्ति, दहेज प्रथा निषेध एवं महिला सशक्तिकरण” जैसे विभिन्न जन स्वास्थ्य समस्याओं सम्बन्धी विषयों पर जन-जागरूकता अभियान के उद्देश्य से आम्रपाली आवास योजना, आईआईएम रोड, लखनऊ स्थित शहीद स्मारक पार्क स्थल तक केजीएमयू में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के समूह द्वारा एक साइकिल यात्रा का आयोजन किया गया।


यात्रा का शुभारम्भ प्रो० आर०ए०एस० कुशवाहा, अधिष्ठाता, छात्र कल्याण/प्रो० क्षितिज श्रीवास्तव, चीफ प्रॉक्टर/प्रो० सुरेश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक/डा० संतोष कुमार, प्रोफेसर, रेस्पाइरेटरी मेडिसिन विभाग, डा० अजय पाल, एसोसियेट प्रोफेसर, सर्जरी, सुनील कुमार मौर्य, लैब्रोरेटो आफिसर, रेस्पाईरेटरी मेडिसिन विभाग की उपस्थिति में किया गया। इस साइकिल यात्रा में केजीएमयू के चिकित्सा/दन्त विज्ञान/नर्सिंग/पैरामेडिकल विज्ञान संकाय में अध्ययनरत लगभग 200 छात्र/छात्राओं एवं अन्य रेजीडेंट चिकित्सकों तथा संकाय सदस्यों से द्वारा अत्यंत जोश एवं उत्साह के साथ प्रतिभाग किया गया।
इस जनजागरूकता अभियान कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर, मलिहाबाद की विधायक जय देवी, मोहनलालगंज के विधायक अमरेश कुमार के साथ-साथ प्रो० आर०ए०एस० कुशवाहा, अधिष्ठाता, छात्र कल्याण भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कौशल किशोर एवं प्रो० आर०ए०एस० कुशवाहा द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीण वासियों को शराब, सिगरेट तम्बाकू जैसे मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले गम्भीर दुष्प्रभावों एवं अन्य जनस्वास्थ्य सम्बन्धी बीमारियों तथा उसके बचाव के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त डा० रचना वर्मा, संकाय सदस्य, पैरामेडिकल विज्ञान संकाय द्वारा विभिन्न प्रकार के होने वाले कैंसर एवं उसके बचाव के बारे में भी जानकारी दी गयो। अन्त में कौशल किशोर द्वारा उपस्थित समस्त साइकिल यात्रा के प्रतिभागियों तथा समस्त ग्रामीणवासियों को नशामुक्ति तथा दहेज प्रथा को स्थायी रूप से समाप्त करने सम्बन्धी शपथ भी दिलायी गयी।
