Thursday , June 30 2022

डिग्री लेना ही काफी नहीं, कमियां और गुण पहचानना भी जरूरी

-केजीएमयू के नव प्रवेशित पैरामेडिकल विद्यार्थियों के लिए दीक्षा एवं शपथ ग्रहण समारोह सम्‍पन्‍न
-अभिभावकों की उपस्थिति में पढ़ाया गया नैतिकता और अनुशासन का पाठ

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। शिक्षा का अर्थ सिर्फ डिग्री लेना नहीं है, इसका सही अर्थ है अपने अंदर के गुणों को बाहर निकालना तथा अपनी कमियों को समझते हुए उसे दूर करना, डिग्री प्राप्‍त करना तो सिर्फ एक पहलू है लेकिन अगर आपका व्‍यवहार और आचरण अच्‍छा है तो आपकी कार्यकुशलता में चहुंमुखी वृद्धि हो जाती है।

यह पहला पाठ केजीएमयू के अधिष्‍ठाता व केजीएमयू पैरामेडिकल इंस्‍टीट्यूट के निदेशक प्रो विनोद जैन ने केजीएमयू में पैरामेडिकल शिक्षा लेने के लिए नये प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को उनके अभिभावकों की उपस्थिति में पढ़ाया। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कलाम सेंटर में वर्ष 2020-2022 बैच के नव प्रवेशित पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं के लिए आज सोमवार को दीक्षा एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया था।

डॉ0 विनोद जैन ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए भाग्य, बुद्धि और श्रम को सफलता की कुंजी छात्र-छात्राओं को चिकित्सा विश्वविद्यालय के नीति नियमों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि छात्र-छात्राएं इन नियमों को समझें और इनके अनुरूप स्वयं को ढालें। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रथम काउंसिलिंग में 268 छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिला है और द्वितीय काउंसिलिंग के बाद अन्य विद्यार्थियों को भी प्रवेश मिलेगा।

उन्होंने इंस्टीट्यूट से जुडे़ समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बारे में छात्र-छात्राओं को जानकारी दी। इस अवसर पर के0जी0एम0यू0 इंस्टीट्यूट ऑफ पैरा मेडिकल साइंसेस के प्रोस्पेक्टस (विवरण पुस्तिका) का लोकापर्ण भी किया गया तथा इसके बाद समस्त विद्यार्थियों को विधि विधान के साथ शपथ ग्रहण कराई गई।

इस अवसर पर प्रथम काउंसिलिंग के बाद नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को डॉ0 विनोद जैन के साथ ही कुलानुशासक प्रो0 आरएएस कुशवाहा, सहायक अधिष्ठाता डॉ अनित परिहार, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो0 नर सिंह वर्मा तथा अधिष्ठाता रिसर्च सेल, प्रो0 आरके गर्ग ने भी चिकित्सा विश्वविद्यालय के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

एक-एक पल का करें उपयोग

प्रो0 नरसिंह वर्मा ने विद्यार्थियों को के0जी0एम0यू0 जैसे गौरवशाली चिकित्सा विश्वविद्यालय की ख्याति के बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से एक-एक पल का उपयोग अपनी कौशल क्षमता को बढ़ाने तथा चिकित्सा विश्वविद्यालय का मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में अपनी चिकित्सीय सेवा के माध्यम से और अधिक बढ़ोतरी करने की अपील की। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रतिकुलपति प्रो0 जी0पी0 सिंह उपस्थित रहे तथा कार्यक्रम के समापन पर प्रो0 अतिन सिंघई ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रेषित किया एवं उक्त कार्यक्रम का संचालन शालिनी गुप्ता ने किया एवं दुर्गागिरि, बीनू दुबे ने विशेष रूप से सहयोग किया।