होम्‍योपैथ शिक्षकों की भर्ती में अनियमितता की होगी जांच, निदेशक हटाये गये

-दायर परिवाद पर लोकायुक्‍त ने दिये थे जांच के निर्देश, वी हेकाली झिमोमी जांच अधिकारी नियुक्‍त
-संविदा पर हुई नियुक्तियों में घोर अनियमितता बरतने का लगाया गया है आरोप

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। पिछले वर्ष उत्‍तर प्रदेश के होम्‍योपैथिक मेडिकल कॉलेजों में संविदा के आधार पर की गयी शिक्षकों की भर्तियों में घोर अनियमितता को लेकर लोकायुक्‍त के समक्ष दायर परिवाद पर दिये गये जांच के निर्देश के अनुपालन में शासन ने निर्देश जारी कर दिये हैं, जांच में व्‍यवधान न हो इसलिए मौजूदा होम्‍योपैथिक निदेशक प्रो वीके विमल को पद से हटाते हुए उत्‍तर प्रदेश राज्‍य आयुष सोसाइटी के कार्यालय से सम्‍बद्ध कर दिया गया है। प्रकरण की जांच के लिए चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की सचिव वी हेकाली झिमोमी को जांच अधिकारी नियुक्‍त किया गया है।

प्रमुख सचिव चिकित्‍सा शिक्षा प्रशांत त्रिवेदी की ओर से 10 अक्‍टूबर को जारी निर्देशों में कहा गया है कि होम्‍योपैथिक मेडिकल कॉलेजों के वरिष्‍ठ अधिकारी कानपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू होम्‍योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो आनन्‍द कुमार चतुर्वेदी को निदेशक पद का अतिरिक्‍त कार्यभार सौंपा गया है। प्रमुख सचिव द्वारा यह भी निर्देश दिया गया है कि लोकायुक्‍त के इस फैसले के विरुद्ध प्रो वीके विमल हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं इसलिए इसमें शीघ्र ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक कैवियट भी दाखिल की जाये।

आपको बता दें मेडिकल कॉलेजों में होम्‍योपैथी शिक्षकों की संविदा पर नियुक्ति में घोर अनियमितता बरते जाने की शिकायत आजमगढ़ के पतरूराम विश्‍वकर्मा की ओर एक परिवाद के बाद लोकायुक्‍त की ओर से जांच का निर्देश दिया गया था। इसी क्रम में उत्‍तर प्रदेश सरकार ने प्रकरण की जांच के लिए चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की सचिव हेकाली झिमोमी को जांच अधिकारी नियुक्‍त किया गया है। करने के लिए अखबार में विज्ञापन प्रकाशित किया गया थ।