अन्‍य रोगों के अलावा स्‍वाइन फ्लू भी रहा जॉर्ज फर्नांडिस की मौत की वजह

देश भर में 20 जनवरी तक 2777 मामले सामने आ चुके हैं स्‍वाइन फ्लू के

 

समता पार्टी के संस्थापक और देश के पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस का मंगलवार सुबह 7 बजे 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बताया जाता है कि अन्‍य बीमारियों के अलावा जॉर्ज फर्नांडिस पिछले कुछ दिनों से स्‍वाइन फ्लू से भी पीड़ित थे और दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे। लम्‍बे समय से बीमार होने की वजह से ही वह सार्वजनिक जीवन से दूर थे। अपने लंबे राजनीतिक करियर में उन्होंने रक्षा, उद्योग मंत्रालय का जिम्मा संभाला था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत कई बड़ी हस्तियों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया

 

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार साल 2019 में ही 20 जनवरी तक स्वाइन फ्लू के देश भर में 2777 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि इनमें से 85 लोगों की मौत हो चुकी है। इसका सर्वाधिक असर राजस्थान में है, वहां इस साल इससे 49 मौतें हो चुकी हैं।

वहीं अगर गुजरे वर्ष यानी 2018 की बात करें तो भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2018 में देश भर में स्वाइन फ्लू के 14,992 मामले सामने आए, जिनमें 1103 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज़्यादा 2812 मामले तमिलनाडु में सामने आए थे, जिनमें से 43 लोगों की मौत हो गई थी. महाराष्ट्र में 2593 मामले सामने आए लेकिन सबसे ज़्यादा 461 मौतें यहीं हुईं. मौतों के मामले में राजस्थान दूसरे नंबर पर रहा, यहां 2375 मामले सामने आए जिनमें 221 लोगों की मौत हो गई. साल 2018 में स्वाइन फ्लू से आंध्र प्रदेश 17, गुजरात में 97, कर्नाटक में 72, केरल में 53, मध्य प्रदेश में 34 और तेलंगाना में 34 मौतें हुई थीं।

वर्ष 2009 में महामारी की तरह फैला दुनिया भर में

बताते चलें कि स्वाइन फ्लू एक संक्रामक वायरल संक्रमण है, जो आमतौर पर सुअरों से मनुष्यों तक फैलता है। हालांकि अब ये मनुष्यों से मनुष्यों में फ़ैल रहा है. साल 2009 में स्वाइन फ्लू एक महामारी की तरह दुनिया भर में फ़ैल गया था जिसके बाद इसे WHO ने महामारी घोषित कर दिया था. भारत भी तभी से इसकी चपेट में है और हर साल इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा घटता-बढ़ता रहता है। साल 2012 से शुरू करें तो उस साल देश भर में स्वाइन फ्लू के 5044 मामले सामने आए जिनमें 405 लोगों की मौत हो गई।

साल 2013 में इसके 5,253 मामले सामले आए जबकि मौतों का आंकड़ा बढ़कर 699 हो गया। साल 2014 में इसे लेकर सरकार ने काफी गंभीरता दिखाई और मामले घटकर 937 हो गए जबकि मौतों का आंकड़ा 218 रह गया। 2015 सबसे बुरा साल रहा और देश भर में स्वाइन फ्लू के 42592 मामले सामने आए जिनमें 2990 लोगों की मौत हो गई. साल 2016 में इस पर फिर कुछ कंट्रोल हुआ और मामले घटकर 1786 रह गए जबकि मौतों का आंकड़ा 265 हो गया। साल 2017 में इसने फिर वापसी की और 38811 मामले सामने आए जिनमें 2270 लोगों की मौत हो गई.

पूर्व सीएम भी चपेट में
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए हैं। उनका इलाज शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (आईजीएमसी) में चल रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ स्वाइन फ्लू को लेकर आपात मीटिंग भी कर चुके हैं।

 

यदि स्वाइन फ्लू होने का संदेह हो

अपनी तबीयत पर गौर करें और यदि आपको बुखार लग रहा हो, खांसी आ रही हो, गले में जलन हो रहा हो और सांस लेने में तकलीफ हो रही हो तो तत्काल अपने शहर के नजदीकी अस्पताल में जाकर इसकी जांच करवाएं।

 

स्‍वाइन फ्लू के लक्षण
अगर किसी व्यक्ति को खांसी, गले में दर्द, बुखार, सिरदर्द और उल्टी के लक्षण हैं, तो स्वाइन फ्लू की जांच करानी चाहिए। इस स्थिति में दवाई केवल चिकित्सक की निगरानी में ही ली जानी चाहिए।

 

यह सावधानी बरतें
1. छींकते समय टिश्यू पेपर से मुंह, नाक को ढकें और फिर उस पेपर को फौरन सावधानी से कचरे के डिब्बे में डाल दें।
2. अपने हाथों को लगातार साबुन से धोते रहें अपने घर, ऑफिस के दरवाजों के हैंडल, की-बोर्ड, मेज आदि साफ करते रहें यदि आपको जुकाम के लक्षण दिखाई दें तो घर से बाहर और दूसरों के नजदीक ना जाएं।
3. यदि आपको बुखार आया हो तो उसके ठीक होने के 24 घंटे बाद तक घर पर रहें।
4. लगातार पानी पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन ना हो।
5. घर से बाहर निकल रहे हों तो फेसमास्क पहनकर ही निकलने की कोशिश करें।