भावी चिकित्‍सकों का स्टाइपेंड बढ़ाने के लिए आईएमए ने लिखा मुख्‍यमंत्री को पत्र

-उत्‍तर प्रदेश में दस वर्षों से नहीं बढ़ी हैं स्टाइपेंड की दरें

अध्‍यक्ष डॉ अशोक राय और सचिव डॉ जयंत शर्मा

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की उत्‍तर प्रदेश शाखा ने मुख्‍यमंत्री ने एमबीबीएस-बीएमएस कर इंटर्नशिप करने वाले चिकित्‍सकों को दिये जाने वाले स्‍टाइपेंड की दरों को संशोधित कर बढ़ाने की मांग दोहरायी है।

आईएमए यूपी के अध्‍यक्ष डॉ अशोक राय और सचिव डॉ जयंत शर्मा ने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को पत्र भेजकर कहा है कि आईएमए ने इससे पूर्व भी अपने पत्र में अनुरोध किया था कि इंटर्नशिप चिकित्सकों का स्टाइपेंड पिछले 10 वर्षों से संशोधित नहीं हुआ है, जबकि अन्य प्रदेशों की अपेक्षा इनको मानदेय बहुत ही कम मिल रहा है। पत्र में लिखा है कि  यह हमारे भविष्य के भावी चिकित्सक है, इनके मनोबल को बढ़ाये रखने के लिए  एवं महंगाई के स्तर को देखते हुए इनका  मानदेय अन्य प्रदेशों के समान करने की पर विचार करें। पत्र में लिखा है कि आप सभी समस्याओं से अवगत हैं, उनका भी समाधान करने की कृपा करें।