बच्‍चा अगर बटन बैट्री निगल ले तो डॉक्‍टर के पास पहुंचने तक 10-10 मिनट पर देते रहें शहद

बटन बैट्री से निकलने वाला अल्‍क्‍लाइन जला देता है अंदरूनी अंगों को

 

लखनऊ। खिलौने से लेकर अनेक चीजों में बटन बैटरी का प्रयोग किया जाता है, अक्‍सर बच्‍चे इसे निगल लेते हैं, जिससे बच्‍चे की जान को खतरा पैदा हो जाता है, अगर डेढ़ घंटे के अंदर चिकित्‍सक से सम्‍पर्क नहीं किया गया तो बच्‍चे की जान भी जा सकती है। इसका कारण इन बैटरी से निकलने वाला अल्‍क्‍लाइन है जो कि गले में पहुंचकर किसी भी अंग को जला देता है। लेकिन थोड़ी राहत वाली बात यह है कि बच्‍चे के बटन बैट्री निगलने की स्थिति में जब तक चिकित्‍सक से सम्‍पर्क न हो तब तक 10-10 मिनट के अंतर पर 10-10 मिलीग्राम शहद बच्‍चे को देते रहें, ऐसा करने से जलने का प्रभाव कम हो जायेगा और बच्‍चे के अंग को कम क्षति पहुंचेगी।

 

यह बात संजय गांधी पीजीआई के डॉ एसके याचा ने यहां साइंटिफि‍क कन्‍वेन्‍शन सेंटर में चल रही यूपीपेडिकॉन में आयोजित कार्यशाला में दी। उन्‍होंने बताया कि अमेरिकन रिसर्च में पाया गया है कि 10-10 मिलीग्राम शहद देने से अल्‍क्‍लाइन से जलने का प्रभाव कम हो जाता है। उन्‍होंने बताया कि संजय गांधी पीजीआई में एक माह में एक केस ऐसा आ जाता है। उन्‍होंने बताया कि स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि घंटों ऑपरेशन करना पड़ता है, उन्‍होंने 36-36 घंटे तक ऑपरेशन किया है। उन्‍होंने बताया कि सबसे ज्‍यादा खतरनाक तब होता है जब सेल फूड पाइप (भोजन नली) में चला जाता है, और उसे जलाता है क्‍योंकि उसके नीचे सीना होता है। ऐसे में अनेक अंग डैमेज होने का खतरा बन जाता है।