भारत की पारम्‍परिक चिकित्‍सा में छिपे हुए हैं गूढ़ रहस्‍य

स्‍वस्थ जीवन शैली के विषय पर कार्यशाला आयोजित

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कलाम सेंटर में इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेस एवं आरोग्य भारती, अवध प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में स्‍वस्थ जीवन शैली के विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। उक्त कार्यशाला में सोलन हिमाचल प्रदेश से आए मुख्य वक्ता वैद्य राजेश कपूर ने पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए आज की जीवनशैली में बहुप्रचलित हानिकारक तत्वों के उपयोग से होने वाले रोगों एवं उनके बचाव की जानकारी दी।

 

वैद्य राजेश कपूर ने बताया किस प्रकार से फास्टफूड, वसायुक्त भोजन, अनियमित दिनचर्या एवं मोबाइल के बढ़ते प्रयोग से जटिल बीमारियों के प्रभाव में आए लोगों का प्रतिशत विगत कुछ वर्षो में बढ़ गया है। इसके साथ ही उन्होंने भारत के गौरवशाली इतिहास की भी व्याख्या की एवं पारंपरिक जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।

 

इस अवसर पर चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट ने छात्र-छात्राओं से नियमित व्यायाम एवं संतुलित खानपान को अपनी जीवनशैली में सम्मिलित किये जाने के साथ ही मोबाइल का प्रयोग कम से कम करने की अपील की।

इस अवसर पर अधिष्ठाता पैरामेडिकल साइंसेज प्रोफेसर विनोद जैन ने बताया कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा में बहुत ही गूढ़ रहस्य छुपे हुए हैं और यदि हम इनको अपनी जीवनशैली में अपनाते हैं तो हम निरोगी भी रह सकते हैं और साथ ही साथ अपने जीवन में सुख और शांति भी पा सकते हैं। उक्त कार्यक्रम के समापन पर सह-अधिष्ठाता डॉ अतिन सिंघई द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया।

 

कार्यक्रम के सफल संचालन आरोग्य भारती के महासचिव डॉ अभय नारायण तिवारी द्वारा किया गया तथा दुर्गा गिरि, राघवेन्द्र शर्मा, बीनू दुबे,  विकास मिश्रा सहित अन्य पैरामेडिकल साइंसेज के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।