केजीएमयू में मरीजों को शुल्क में राहतें ही राहतें

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में इलाज कराना अब काफी राहत भरा हो गया है। शुक्रवार को केजीएमयू में एडवाइजरी कमेटी की बैठक में एडमिशन चार्ज कम करने, एसी जनरल वार्डो में पडऩे वाले बेड चार्ज को खत्म करने समेत कई बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी गई है। कमेटी की सहमति मिल चुकी है अब आगामी 1 मई से मरीजों को आर्थिक रियायत मिलनी शुरू हो जायेगी।

जनरल वार्ड में बेड चार्ज समाप्त

एडवाइजरी कमेटी में सर्वप्रथम ट्रॉमा सेंटर समेत विभिन्न विभागों के एसी जनरल वार्डो में पडऩे वाले बेड चार्ज को खत्म कर दिया गया है। अभी तक 125 रुपये प्रति बेड रोजाना पड़ता था। बेड चार्ज पडऩे से खासी दिक्कत क्वीन मैरी अस्पताल में इलाज कराने आने वाली प्रसूताएं और अन्य गरीब महिलाओं को उठानी पड़ती थी। बेड चार्ज खत्म होने से महिलाओं का इलाज कराना हुआ आसान। इतना ही नहीं  नॉन एसी प्राइवेट वार्ड के लिए पडऩे वाले 1150 रुपये को घटाकर पुरानी दर मात्र 600 रुपये कर दिया गया है। जबकि 2250 रुपये में मिलने वाले एसी डीलक्स वार्ड को 1000, 1200 और 1500 रुपये में सुविधाओं की उपलब्धता के अनुसार मिलेंगे। इसके अलावा ट्रॉमा व क्वीन मैरी आदि विभागों में भर्ती के दौरान लिये जाने वाले एडमिशन चार्ज को 400 से घटाकर 250 रुपये कर दिया गया है, जिससे एडमिशन के दौरान मरीजों को कम से कम 550 रुपये नही जमा करने पडेग़े, अब केवल 250 रुपये में भर्ती मिल जायेगी। जबकि अभी तक 350 रुपये एडमिशन चार्ज, 50 रुपये रिस्ट बैंड चार्ज व कम से कम दो दिन का बेड चार्ज वसूला जाता था। और सबकुछ नॉन रिफंडेबुल था।
 
पैथोलॉजी व ट्रीटमेंट शुल्क में भी 25-30 प्रतिशत रियायत

एडवाइजरी कमेटी ने, गत वर्ष पैथोलॉजी व इलाज शुल्क में होने वाली बढ़ोतरी को कम कर दिया है। कमेटी ने पुरानी दरो पर इलाज उपलब्ध कराने समेत पैथोलॉजिकल जांचों में अलग अलग 25 से 30 प्रतिशत की कमी कर दी है।

500 में सीटी स्कैन, 2500 में होगा एमआरआई

मेडिकल सुपरिन्टेन्डेंट डॉ.विजय कुमार ने बताया कि कमेटी ने सीटी स्कैन व एमआरआई के रेट को भी कम कर दिया है। मगर इसे लागू करने से पहले विभागाध्यक्ष से वार्ता की जानी है। उन्होंने बताया कि कमेटी द्वारा 1000 रुपये में होने वाली सीटी, आधे दाम अर्थात 500 रुपये में और एमआरआई 3500 को घटाकर 2500 रुपये में करने का निर्णय लिया गया है।

जेनरिक दवाओं के लिए खुलेंगे अमृत फार्मेसी और जन औषधि केन्द्र

प्रो.विजय कुमार ने बताया कि अधिक से अधिक जेनरिक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए कमेटी द्वारा देश की समानित एजेंसी अमृत फार्मेसी के स्टोर खोलने का निर्णय लिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र की योजना अंतर्गत, जन औषधि केन्द्र परिसर में शुरू किये जायेंगे। जरूरत के अनुसार स्टोर की संख्या बढ़ाई जायेगी। शीघ्र ही मरीजों को अस्पताल में दवा उपलब्ध कराने के लिए हास्पिटल रिवॉल्विंग फंड शुरू किया जायेगा।