स्‍वस्‍थ 10 हजार, बुजुर्ग 8000 व हार्ट पेशेंट 5000 कदमताल रोज जरूर करें

आरओ का पानी भी नुकसानदेह, घड़े या ट्यूबवेल का करें इस्‍तेमाल

लखनऊ 10 नवम्‍बर। किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय (केजीएमयू) के कुलपति एवं आरोग्य भारती अवध प्रांत के अध्यक्ष प्रो एमएलबी भट्ट ने बताया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 10,000 कदमताल,  65 वर्ष के ऊपर के व्यक्ति को 8000 एवं हार्ट पेशंट को 5000 कदमताल रोजाना करनी चाहिए। इसके साथ उन्होंने आरओ के पानी को भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह बताते हुए इसके बदले ट्यूबबेल का या घड़े के पानी पीने की सलाह दी।

 

कुलपति ने यह बात आज शनिवार को सिविल सर्विसेस इंस्टीट्यूट एवं आरोग्य भारती के संयुक्त तत्वावधान में राजभवन कालोनी, सभागार में ‘लाइफ स्टाइल फॉर सीनियर सिटीजन’ पर आधारित विषय पर एक व्याख्यान सभा में कही। प्रो भट्ट ने बढ़ती उम्र में स्वस्थ जीवनशैली के द्वारा कैसे बीमारियों से दूर रहा जाए इस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ रहने के दो नियम है, पहला संतुलित आहार एवं दूसरा नियमित व्यायाम। इसके साथ ही उन्होंने तम्बाकू और आलस्य को स्वस्थ शरीर के लिए सबसे घातक बताया।

अमेरिका में की गई अनेक रिसर्च का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि लंग कैंसर होने का एक बड़ा कारण धूम्रपान एवं तम्बाकू सेवन करना होता है। उन्होंने बताया कि 85 प्रतिशत लोगों को लंग कैंसर धूम्रपान एवं तम्बाकू सेवन की वजह से होता है तथा सभी प्रकार के कैंसर पीड़ित में से 41 प्रतिशत लोगों को कैंसर होने का जिम्मेदार धूम्रपान एवं तम्बाकू सेवन होता है।

 

उन्होंने बताया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए रोजाना 3 से 4 लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने नमक, चीनी और मैदा को शरीर के लिए सफेद दुश्मन बताते हुए इनका कम से कम इस्तेमाल किए जाने की सलाह दी और बेहतर स्वास्थ्य के लिए मौसमी फलों के साथ ही चना, दाल, सहजन आदि को नियमित आहार में शामिल किए जाने को जरूरी बताया।

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कुलपति ने बताया कि शरीर को स्वस्थ रखना अपनी निजी जिम्मेदारी है। इसके साथ ही सकारात्मक सोच के साथ समाज में काम किए जाने को भी उन्होंने स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर बताया। क्योंकि समाज के प्रति करुणा एवं दया का भाव रखने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे शरीर को स्वस्थ रहने में आसानी होती है। उन्होंने बताया कि एक बंद कमरे में 6 हजार से ज्यादा विषैली गैसे इकट्ठा हो जाती हैं इसलिए कमरे में स्वच्छ हवा को आने-जाने के लिए खिड़की या दरवाजा खुला रखना चाहिए।

 

इस अवसर पर कार्यक्रम के संचालनकर्ता एवं आरोग्य भारती अवध प्रांत के उपाध्यक्ष एवं केजीएमयू के पैरामेडिकल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विनोद जैन ने स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक किए जाने की अपील करते हुए स्वास्थ्य से जुड़ी अह्म जानकारियां दीं। इस कार्यक्रम में रिटायर्ड आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष मजमूदार, सचिव वीएन गर्ग, विशिष्‍ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव डॉ शम्भूनाथ समेत तमाम रिटायर्ड आईएएस एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।