छात्रों से अधिक गारेंटी नहीं ले पाएंगे मेडिकल कॉलेज : सुप्रीम कोर्ट

एक बैंक छात्र से 31 लाख रुपये से अधिक बैक गारंटी 1 घंटे में जमा करने को कहता है और जब छात्र पैसा नहीं जमा कर पाता है तो उसे एडमिशन नहीं दिया जाता…..!! ये रवैया मेडिकल कॉलेजों में निर्धारित फीस के बाद भी अपना रखा है जिसमें वे अधिकांश कॉलेज छात्र-छात्राओं से अलग से बैंक गारंटी मांगते हैं जिसकी वजह से छात्रों व अभिभावकों को काफी परेशान होना पड़ता है और ढेरों ऐसे मामले हैं जिसमें बैंक गारंटी न दे पाने के कारण होनहार छात्रों को एडमीशन ही नहीं दिया गया। अब कॉलेजों की यह मनमानी कतई नहीं चलेगी, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए मेडिकल कॉलेजों की इस मनमानी पर रोक लगा दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि मेडिकल कॉलेजों को बैंक गारंटी लेने का हक नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को निर्देश दिया है कि वह कॉलेजों के लिए एक गाइडलाइन जारी करे और बैंक गारंटी मांगने वाले कॉलेजों पर जुर्माना लगाये।

डॉ मुक्ताकर सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में मेडिकल कॉलेज की बैंक गारंटी मांगे जाने के खिलाफ याचिका दाखिल की थी जिसमें कॉलेज में फीस जमा करने के बाद भी मेडिकल छात्र से 31 लाख रुपए से अधिक बैंक गारंटी 1 घंटे में जमा करने की मांग की गई थी। जब छात्र बैंक गारंटी नहीं दे सका तो उसे एडमिशन नहीं दिया गया। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुये कॉलेज पर 5 लाख का हर्जाना ठोका और छात्र को तीन महीने के अंदर यह रकम देने को कहा। डबल बेंच में हुई सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के बाद यह साफ हो गया था कि कोर्ट बड़ा फैसला सुनायेगी। मेडिकल कॉलेज द्वारा बैंक गारंटी मांगे जाने को लेकर दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति अजय भट्ट की खंडपीठ ने सुनवाई शुरू की। इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि मेडिकल छात्र से फीस के अलावा अलग से बैंक गारंटी के रूप में रुपए मांगे जा रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस पूरी प्रक्रिया को बेहद ही गंभीर विषय माना और बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि फीस के अलावा किसी भी छात्र से कोई भी कॉलेज अलग से बैंक गारंटी नहीं मांग सकता है, ऐसा कोई अधिकार कॉलेज के पास नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण व अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब इस मामले में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा नई गाइडलाइन जारी होगी और मेडिकल कॉलेज बैंक गारंटी नहीं मांग सकेंगे और ऐसा करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।