आठ लोगों को जीवन मिलता है एक देहदान से

केजीएमयू में अंगदान दिवस पर देहदानियों के परिजनों को किया गया सम्मानित

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में 50 से ज्यादा लोगों ने अंगदान करने पर अपनी सहमति दी है. अंगदान दिवस पर आयोजित एक शिविर में इन लोगों ने अपना राजिस्ट्रेशन कराया। ज्ञात हो एक व्यक्ति के देहदान करने से 8 लोगों को जिंदगी मिलती है। इस मौके पर पूर्व में देहदान कर चुके तीन लोगों के परिजनों को सम्मानित भी किया गया।

भावुक क्षणों के बीच आयोजित समारोह में कुलपति प्रो एमएलबी भट्ट ने लखनऊ की दीक्षा, लखनऊ के अवध बिहारी सिन्हा तथा हरौनी लखनऊ के राकेश सिंह के परिजनों को शॉल, गुलदस्ता तथा गणेश जी का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। प्रो भट्ट ने अंगदान पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को जरूरत के अनुसार अंग मिल सकें इसके लिए अंगदान करना बहुत आवश्यक है उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में केजीएमयू में ट्रांसप्लांट यूनिट लगायी जायेगी। उन्होंने बताया कि अंगदान के प्रति जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में भी करना चाहिये। डॉ भट्ट ने महात्मा दधीचि द्वारा सामाजिक जरूरत के लिए देहदान करने के बारे में बताते हुए कहा कि केजीएमयू में अब तक 17 परिवारों द्वारा अपने प्रियजन की देह दान की जा चुकी है जिससे करीब 70 लोगों से ज्यादा को अंग दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि स्पेन में 34 प्रतिशत आबादी अंगदान के लिए पंजीकृत है जबकि भारत में यह प्रतिशत 0.03 है।

इस मौके पर ऑर्गन ट्रांसप्लांट विभाग के डॉ विवेक गुप्ता ने अंगदान के टेक्निकल पहलुओं को बताया जबकि डीआईजी पुलिस डॉ डीके गोस्वामी ने इसके कानूनी पहलुओं के बारे में जानकारी दी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसएन संखवार ने अंगदान करने वाले परिवारों के प्रति आभार जताया। इस मौके पर अंगदान के लिए जागरूक करने वाली संस्था स्पर्श के निदेशक धर्मेन्द्र शर्मा को कुलपति ने सम्मानित किया। इस अवसर पर स्वतंत्र फिल्मकार विजय आर राघवन ने अपनी बनायी हुई डॉक्यूमेंट्री फिल्म गिफ्ट ऑफ लाइफ दिखायी। लखनऊ विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ पूजा शर्मा ने अंगदान को लेकर लिखी अपनी कविता सुनायी। ऑर्गन ट्रांसप्लांट विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मनमीत सिंह ने आये हुए लोगों का आभार जताया। उन्होंने विशेष रूप से विभाग के पीयूष श्रीवास्तव, क्षितिज वर्मा तथा अश्वनी कुमार को अंगदान देने वाले परिवारों की काउंसलिंग के लिए धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के लिवर ट्रांसप्लांट इकाई के निदेशक डॉ आसिफ जाह, गैस्ट्रो सर्जरी के डॉ अभिजीत चन्द्रा, न्यूरो सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ बीके ओझा, ट्रांसप्लांट ऐनेस्थीसिया के डॉ विजय कुमार व डॉ मो.परवेज खान भी उपस्थित रहे।