Thursday , November 11 2021

मानवीय व्यावसायिक नैतिकता के बिना शिक्षा अधूरी : डॉ. चिन्मय पंड्या

 

282वां युगऋषि वाङ्मय साहित्य राम स्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में स्थापित

लखनऊ. गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत फैकल्टी ऑफ़ हूमैनिटीज एण्ड सोशल साइंस रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय लखनऊ के केन्द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं0 श्री राम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 70 खण्डों का वांड़मय साहित्य की स्थापित किया गया।

यह वाङ्मय साहित्य गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट, गायत्री ज्ञान मंदिर इन्दिरा नगर के सक्रिय कार्यकर्ता ऊषा सिंह ने अपने जीवनसाथी स्व0 राजेन्द्र सिंह की स्मृति में संस्थान के पुस्तकालय को भेंट किया। डॉ. नरेन्द्र देव ने 1000 पुस्तकें सभी छात्र-छात्राओं को भेंट कीं तथा गायत्री ज्ञान मंदिर द्वारा सभी संकाय सदस्यों को अखण्ड ज्योति हिन्दी एवं अंग्रेजी में दो-दो पत्रिकायें भेंट कीं।

इस अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने प्रकाश डालते हुए कहा कि मानवीय व्यवसायिक नैतिकता के बिना शिक्षा अधूरी है. यह ऋषि वाङ्मय इस विषय को पूर्ण करता है।

वाङ्मय स्थापना के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि 301 पुस्तकालयों में ऋषि वाङ्मय का लक्ष्य निर्धारित है। इस अवसर पर अनिल भटनागर, उदयभान सिंह भदौरिया, अरविन्द निगम, एसके श्रीवास्तव एवं संस्थान के सभी संकाय सदस्य मौजूद थे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

seventeen + six =

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.