इलाज बीच में छोड़ने से गंभीर हो चुकी टीबी की दवा कन्‍नौज मेडिकल कॉलेज में भी मिलना शुरू

स्‍टेट टास्‍क फोर्स के चेयरमैन डॉ सूर्यकांत ने की बिडाक्‍युलिन के वितरण की शुरुआत

लखनऊ /कन्नौज। कन्नौज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमडीआर टीबी की नई दवा बिडाक्‍युलिन के वितरण की शुरुआत हो गई है। यह दवा टीबी के उन मरीजों को दी जाती है,  जो अपना इलाज बीच में छोड़ चुके हैं, जिससे गंभीर टीबी की गंभीर अवस्‍था के शिकार हो गए हैं। इस सेंटर से फर्रुखाबाद, कन्नौज  एवं औरैया के मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जाएगी। इस दवा को मरीज को खिलाने की शुरुआज गुरुवार को स्टेट टास्क फोर्स आरएनटीसीपी के चेयरमैन व केजीएमयू के पल्मोनरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सूर्यकांत ने की।

 

डॉ सूर्यकांत ने बताया कि यह दवा एमडीआर /एक्सडीआर मरीजों को मुफ्त में दी जाएगी। यह दवा किसी प्राइवेट अस्पताल या मेडिकल स्टोर में उपलब्ध नहीं होगी, यह अभी मेडिकल कॉलेज स्थित नोडल डीआरटीबी सेंटर पर ही मिलेगी। इस मौके पर उन्‍होंने कहा कि जो प्राइवेट डॉक्टर या अस्पताल टीबी के मरीजों का इलाज करते हैं, उन्हें भी उन मरीजों का नोटिफि‍केशन जिला टीबी अधिकारी को कराना आवश्यक है। ऐसा न करने पर दंड का भी प्रावधान है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ नवनीत कुमार ने बताया कि टीबी एक संक्रामक रोग है, लेकिन सही तरीके से इसका इलाज करने पर इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में कन्नौज के सीएमओ डॉ के स्वरूप, मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ दिलीप सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ राजवीर सिंह, नोडल डीआरटीबी डॉ संजय वर्मा के साथ ही डॉ विपुल सिंह, डॉ अंजार उल सहित कई लोग उपस्थित थे।