गुटखा-तम्‍बाकू से दूरी का मतलब है कैंसर से दूरी

-नशा मुक्ति आंदोलन ने शुरू किया सोशल मीडिया के माध्‍यम से जागरूकता अभियान

प्रो रवि कांत

लखनऊ। नशा मुक्ति आन्दोलन द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से 15 दिवसीय जागरूकता अभियान का शुभारम्भ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर और ऋषिकेश एम्स के निदेशक पदमश्री प्रोफेसर रविकांत ने किया।

इस मौके पर बोलते हुए प्रोफ़सर रवि कांत ने कहा कि गुटखा-तंबाकू से दूर रहें, कैंसर को भगाएं। मुंह के कैंसर का प्रमुख कारण तंबाकू का सेवन है। तंबाकू का सेवन करना छोड़कर मुंह के कैंसर से बचा जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि इसका इलाज बहुत मुश्किल है। मुंह का कैंसर होने के बाद सर्जरी के बाद चेहरा विकृत हो जाता है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संयुक्त क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी चाहता है कि संपूर्ण समाज नशे से मुक्त हो। संघ के स्वयंसेवक इसके लिए अपने स्तर पर प्रयास भी करते हैं। उन्होंने कहा कि नशे के कारण समाज का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। समाज नशे से दूर रहे इसके लिए प्रयास की आवश्यकता है। इसे रोकने के लिए समाज और सरकार की मन: स्थिति बनाने की आवश्यकता है।

प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के महामंत्री डॉ अमित सिंह ने कहा कि नशा मुक्ति आंदोलन के इस अभियान में हमारे संवर्ग की भी सहभागिता है। सोशल मीडिया के माध्यम से हम युवाओं को तंबाकू के खतरों से अवगत कराएंगे और इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। अमित सिंह ने कहा कि स्वस्थ युवाओं के बिना स्वस्थ भारत की परिकल्पना नहीं की जा सकती।

नशा मुक्ति आंदोलन के डॉ अनुरुद्ध वर्मा ने कहा कि पूरी दुनिया तंबाकू के खतरों से चिंतित है। तंबाकू के सेवन से 25 प्रकार के कैंसर होते हैं। जो लोग इसकी गिरफ्त में आ जाते हैं उनकी आदत नहीं छूटती है। नशे के कारण देश के विकास की गति अवरुद्ध हो जाती है।

नशा मुक्ति आंदोलन के संयोजक बृजनंदन ने बताया कि 5 जून तक सोशल मीडिया पर तंबाकू के खतरों से युवाओं को जागरूक किया जाएगा। इसके तहत प्रतिदिन चिकित्सकों द्वारा फेसबुक व यूट्यूब पर लाइव के माध्यम से तंबाकू से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर एक नेशनल वेबिनार का आयोजन किया जाएगा।