सीटी स्‍कैन की सुविधा सिविल अस्‍पताल में भी शुरू, मंत्री ने किया उद्घाटन

मंत्री ने कहा, दिये जा चुके हैं दवाओं की किल्‍लत दूर करने के निर्देश

लखनऊ। डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में मरीजों को निशुल्क सीटी स्कैन की सुविधा शुरू हो गई। बुधवार को पीपीपी मॉडल पर नई सीटी स्कैन मशीन का उद्घाटन चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने किया। सिविल अस्‍पताल में यह सुविधा शुरू होने के बाद विशेषकर सड़क दुर्घटना के शिकार मरीजों के लिए बहुत सुविधा हो जायेगी। उदघाटन करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश भर दवाओं की किल्लत दूर हो, इसके लिए ड्रग कार्पोरेशन के अधिकारियों समेत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये जा चुके हैं। अधोमानक दवाएं आपूर्ति मामले में जांच के निर्देश दिये जा चुके हैं। अधोमानक दवाएं आपूर्ति कर्ता दवा कंपनियों के खिलाफ जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दंडात्मक कार्यवाई की जायेगी।

दवाओं के लोकल परचेज के रिकॉर्ड की होगी जांच

सिविल अस्पताल में बुधवार को करने आये चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अधोमानक दवाएं आपूर्ति होने के मामले की जांच कराई जा रही है। उन्‍होंने कहा कि प्रयास किया जा रहा है कि दवा वितरण से पहले ही दवाओं की पोटैंसी टेस्ट किया जाये, साथ ही इसके बाद उन्होंने अति आवश्यक दवाओं की लोकल परचेज की दवाएं खरीदने के लिए बकाया बजट न मिलने के सवालों पर उन्होंने कहा कि अधिकारियों के साथ बैठक की जायेंगी, साथ ही अस्पताल के रिकॉर्डों को जांचा जायेगा कि जो लोकल परचेज के बजट से कितनी दवाएं खरीदी गईं हैं। क्योंकि सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि यहां पर आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज मिले और दवाएं मिलें।

डॉक्‍टर की कमी दूर करने की शुरुआत हो चुकी

श्री सिंह ने, अस्पताल में खुली जन औषधि केन्द्रों में पर्याप्त दवाएं न उपलब्ध होने के सवाल पर कहा कि केन्द्र सरकार को जन औषधि केन्द्रों को उपयोगी बनाये जाने के लिए पत्र लिखे जा चुके हैं। अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टरों की कमी पुराना मुद्दा है, पिछली सरकारों ने रणनीति के तहत कार्य किया होता तो डॉक्टरों की किल्लत न होती। योगी व मोदी सरकार में नये मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। बीते दो वर्षो में 15 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई भी शुरू हो चुकी है, नये डॉक्टरों की संख्‍या बढऩे पर भविष्य में डॉक्टरों की कमी नहीं रहेंगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि तमाम योजनाएं जनहित में संचालित हो रही हैं, सभी की समीक्षा की जा रही है ताकि अधिक से अधिक मरीजों को लाभ मिल सके। इस अवसर पर सचिव स्वास्थ्य वी हेकाली झिमोमी, डॉ.सविता भट्ट, अस्पताल निदेशक डॉ.देवेन्द्र सिंह नेगी, सीएमएस डॉ.ए के सिंह, एमएस डॉ आशुतोष दुबे, बलरामपुर अस्‍पताल के निदेशक डॉ.राजीव लोचन और डॉ.हिमांशु चतुर्वेदी आदि तमाम लोग मौजूद रहे।