Saturday , May 14 2022

कोरोना वायरस : चिकित्‍सकों ओर स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों को किया गया जागरूक

-केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने आयोजित किया कार्यक्रम

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो0 अमिता जैन के नेतृत्व में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वायरस (कोविड-2019) के प्रति जागरूक किए जाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन कलाम सेंटर में किया गया।

इस अवसर पर विभाग की सह-आचार्य डॉ पारुल जैन ने कोरोना वायरस को परिभाषित करते हुए बताया कि किस प्रकार से SARS COV-2  के संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनका उपचार करें। इसके साथ ही उन्होंने वी0आर0डी0एल0, के0जी0एम0यू0 में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी बताया जो कि उत्तर प्रदेश-उत्तराखण्ड राज्यों के लिए एक नोडल स्क्रीनिंग और प्रमाणित जांच केंद्र है।

कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक, कम्युनिकेबल और वेक्टर बोर्न डिजीज, उत्तर प्रदेश, डॉ विकासेन्दु अग्रवाल ने इस बीमारी के निदान एवं उपचार पर विचार-विमर्श करने के साथ ही रैपिड रिस्पांस टीमों के बारे में जानकारी दी कि किस प्रकार से राज्य के सभी जिलों में इस बीमारी के संदिग्ध लोगों के बारे में पता लगाकर उनसे संपर्क किया जाए।

इस अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ अंकुर ने SARS COV-2 के वैश्विक परिदृश्य और वायरस के संदर्भ में संक्रमण की रोकथाम के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में प्रो अमिता जैन ने SARS COV-2  से संबंधित मुद्दे पर एक पैनल चर्चा का संचालन किया जिसमें चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मास्क के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई तथा उसमें यह स्पष्ट रूप से बताया गया कि आमजन के लिए मास्क की आवश्यकता नहीं है। इस अवसर पर वहां उपस्थित पैनेलिस्ट्स ने यह निष्कर्ष निकाला कि बीमारी के प्रसार को सीमित करने के लिए केवल चार चरणों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है। हाथ की स्वच्छता,  सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें यदि सांस लेने में तकलीफ हो, किसी भी व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाकर रखें। खांसी और छींक आने पर मुंह को रूमाल अथवा साफ कपड़े से ढंकना अथवा यह उपलब्ध न होने पर कोहनी से मुंह को ढंकना चाहिए।

कार्यक्रम में कमांड अस्पताल, झलकारी बाई, राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ, एरा मेडिकल कॉलेज, मेदांता अस्पताल, लखनऊ और के0जी0एम0यू0 के चिकित्सकों ने भाग लिया। इस अवसर पर यह जानकारी भी दी गई कि के0जी0एम0यू0 में 400 मामलों का परीक्षण किया है जिनमें से 8 पाजिटिव पाए गए थे जो कि 7 आगरा से और 1 लखनऊ का था।