सात दिन तक खा लिया इसे तो फिर हमेशा के लिए लग जायेगी लत     

 

केजीएमयू में आयोजित व्याख्यान में छात्रों को दी गयी जानकारी

 

लखनऊ. सावधान हो जाइए, बहुत से लोग सोचते हैं कि हर चीज ट्राई करनी चाहिए. और अगर आप सोच रहे हैं कि तम्बाकू खाकर देखें, फिर छोड़ देंगे, तो आप गलत सोच रहे हैं क्योंकि मात्र सात दिन तक तम्बाकू का सेवन आपको इसका आदी बना सकता है.

 

यह बात आज यहाँ केजीएमयू में आयोजित एक व्याख्यान में तम्बाकू नियंत्रण के मुख्य प्रवक्ता सलाहकार डॉ. बीएम श्रीवास्तव ने कही.  सीपी गोविला हॉल आयोजित इस व्याख्यान में उन्होंने कहा कि तम्बाकू के मात्र सात दिन के लगातार सेवन से व्यक्ति इसका सदा के लिए आदी बन सकता है। डॉ. श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि तम्बाकू के सेवन की शुरूआत भारतवर्ष में कैसे हुई, तम्बाकू के सेवन के क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते है, इसकी आदत से ग्रसित व्यक्ति को कैसे छुटकारा दिलाया जाये, व आने वाले समय में तम्बाकू स्वास्थ्य का कितना नुकसान कर सकता है।

 

बीडीएस के छात्रों को संबोधित करते हुए में डॉ. विनय कुमार गुप्ता, विभागाध्यक्ष, पब्लिक हेल्थ डेंन्टिस्ट्री विभाग द्वारा तम्बाकू नियंत्रण विषय पर ब्याख्यान प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 1 बजे तक आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राज्य तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ, उत्तर प्रदेश एवं केजीएमयू, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान से आयोजित किया गया। यह ब्याख्यान किंग जार्ज चिकित्सा विष्वविघालय के बीडीएस के छात्रों के लिए आयोजित किया गया था, ताकि वे तम्बाकू मुक्त मुहीम के प्रति संवेदनशील बन सके।

 

राज्य तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ, उत्तर प्रदेश के नोडल ऑफिसर डॉ. आलोक कुमार ने अपने व्याख्यान में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के संचालन रचना के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर केजीएमयू के दन्त संकाय के अधिष्ठाता डॉ. शादाब मोहम्मद ने इस कार्यक्रम को एक बहुत अच्छी पहल बताया, उन्होने कहा कि इस तरह के ब्याख्यान बीडीएस व एमबीबीएस के छात्रों के लिए आवश्यक है, क्योंकि तम्बाकू के दुष्प्रभाव समस्त शरीर पर तो हैं ही इसके साथ-साथ तम्बाकू का विशेष दुश्प्रभाव मुख की कोशिकाओं पर भी है। डा. विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि तम्बाकू चबाने और धूम्रपान, दोनों से ही मुहं का कैंसर, मसूड़ों की समस्याएं, सर्जरी के बाद घाव भरने मे देरी तथा दांतों का क्षय जैसे दुष्प्रभाव होते है। कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने अपने व्याख्यान में तम्बाकू के दुष्प्रभाव के ऊपर अभी तक की सबसे लम्बी शोध. जो कि इंग्लैंड में हुई है, का उदाहरण देते हुए छात्रों को तम्बाकू के प्रति संवेदनशील किया। इस कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए डॉ. एमएलबी भट्ट ने पब्लिक हेल्थ डेंन्टिस्ट्री के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार गुप्ता व उनकी टीम की बहुत सराहना की, व भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कराने के लिए प्रोत्साहित किया। इस मौके पर सतीश त्रिपाठी राज्य सलाहकार, राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम भी उपस्थित रहे।