सुल्तानपुर से अपहृत बच्चे को देखने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे मुख्यमंत्री

अपहरणकर्ताओं ने छोटे बेटे की कर दी थी हत्‍या, बड़ा गंभीर रूप से घायल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शुक्रवार को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती दिव्यांश को देखने पहुंचे। सुल्‍तानपुर में दिव्यांश का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या का प्रयास किया गया था, जिसके बाद घायल अवस्था में उसे ट्रॉमा सेंटर के वेंटिलेटर यूनिट में भर्ती किया गया था, जहां डॉ जी पी सिंह की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने घायल दिव्यांश का सम्पूर्ण उपचार निशुल्क उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया।

इसके अलावा योगी ने अपहरण की इस घटना में जान गंवाने वाले प्रियांश के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की। उन्होंने मामले में पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

इसके अलावा जब मुख्‍यमंत्री वापस जा रहे थे उसी समय एक महिला तीमारदार ने अपने मरीज राजनारायण तिवारी के इलाज में सहायता करने की मुख्‍यमंत्री से प्रार्थना की। अस्‍पताल प्रशासन के अनुसार यह मरीज बर्जर नाम की बीमारी से ग्रस्त है। जिसमें शरीर के अंग काले पड़कर सड़ने लग जाते हैं। मरीज के तीमारदार को आशंका थी कि मरीज के पैर काट दिए जाएंगे, लेकिन यह बात पूर्णतया गलत है, अभी भी मरीज के पैर व उंगलियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है और यदि बहुत आवश्यक हुआ तो मरीज की उंगलियां काटनी पड़ सकती हैं। मुख्यमंत्री ने इस मरीज को भी इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।  

मुख्‍यमंत्री ने ट्रॉमा सेंटर में अधिकारियों से यह भी कहा कि अगर आपसे संभव नहीं होता है तो प्रस्ताव बनाकर भेजें शासन इलाज का खर्च उपलब्ध कराएगा।   

आपको बता दें कि 50 लाख की फिरौती के लिए सुल्‍तानपुर में टेंट व्‍यवसायी के दो मासूम बेटों का अपहरण करने के बाद अपने पकड़े जाने के डर से छोटे बेटे की हत्या कर दी और एक को अधमरा कर दिया।

दरअसल, 50 लाख की फिरौती के लिए अपहरण दो सगे भाइयों का घर के नौकर रघुवर यादव ने ही अपने साथियों के साथ गुरुवार को स्कूल से लौटते वक्त किया था पुलिस तुरंत एक्‍शन में आयी और 12 घंटे के भीतर ही अपहरण का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन पकड़े जाने के डर से बदमाशों ने मासूमों पर फावड़े से वार किया, जिसमें छोटे भाई श्रेयांश की मौत हो गई, जबकि बड़ा भाई दिव्यांश ट्रॉमा सेंटर में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

पुलिस के साथ अपहरणकर्ताओं की हुई मुठभेड़ में एक बदमाश भी घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया है। बता दें कि गुरुवार की दोपहर गोसांईगंज थानाक्षेत्र के कटका स्थित सरस्वती विद्यालय में यहीं के रहने वाले राकेश अग्रहरि के दो बेटे दिव्यांश और श्रेयांश पढ़ते थे। घर का नौकर रघुवर यादव ही बच्चों को स्कूल ले जाने और ले आने का काम करता था। दोपहर जब रघुवर बच्चों को लाने के लिए स्कूल गया तो बच्चे वहां नहीं मिले। जिसकी सूचना उसने राकेश को दी। आनन-फानन में राकेश गोसांईगंज के द्वारिकागंज चौकी पहुंचे और पूरे मामले से पुलिस को अवगत कराया। थोड़ी ही देर बाद राकेश के मोबाइल पर बदमाशों ने बच्चों को छोड़ने के एवज में 50 लाख की फिरौती मांगी। फिरौती की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन में पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की तफ्शीश शुरू की। खुद पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स मामले की निगरानी कर रहे थे। बाद में शक की आधार पर जब नौकर रघुवर यादव से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने घटना की साजिश का खुलासा कर दिया।

पुलिस के अनुसार अपहरणकर्ताओं से घर के नौकर रघुवर ने ही बच्चों की मुलाकात करवाई थी और छुट्टी के बाद उन्हीं के साथ वापस जाने की सलाह दी थी। रघुवर की ही निशानदेही पर पुलिस ने देर रात नगर कोतवाली के करौंदिया मोहल्ले स्थित एक सूनसान इलाके में बने घर पर छापा मारा तो उनके होश उड़ गए। पुलिस को आता देख वहां हड़कम्प मच गया और सभी बदमाश फरार होने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो लोगों के मौके से ही पकड़ लिया, जबकि एक बदमाश मौके से फरार होने लगा। बाद में पुलिस ने उसे देहात कोतवाली क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान पकड़ लिया।

उधर करौंदिया स्थित घर में जो नजारा दिखा वह रौंगटे खड़े करने वाला था। बदमाशों ने श्रेयांश और दिव्यांश को एक बोरे में भर कर रखा था। पुलिस के पहुंचने से पहले बदमाशों ने राकेश के छोटे बच्चे पर फावड़े से वार कर उसकी हत्या कर दी थी, जबकि दूसरा जिंदगी और मौत से जूझ रहा था। इसी बच्‍चे का इलाज ट्रॉमा सेंटर में हो रहा है, जिसे देखने मुख्‍यमंत्री पहुंचे थे।