आयुष चिकित्सकों की मांगों पर सौ दिनों के अंदर कैबिनेट नोट

आयुष डॉक्टर वेलफेयर एसोसिएशन उ प्र के वार्षिक अधिवेशन में रीता बहुगुणा जोशी ने दिया आश्वासन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की परिवार कल्याण मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने आयुष चिकित्सकों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों सौ दिनों के अंदर पूरा किया जायेगा। उन्होंने आयुष चिकित्सकों से आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में पूरा सहयोग देने की अपील की है।

निरीक्षण के दौरान आयुष डॉक्टर हमेशा ड्यूटी पर तैनात मिले

डॉ जोशी 11 जून को यहां पीडब्ल्यूडी भवन स्थित विश्वेश्वरैया ऑडोटोरियम में आयुष डॉक्टर वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के वार्षिक अधिवेशन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। उन्होंने आयुष डॉक्टरों की तारीफ करते हुए कहा कि दादरी, इलाहाबाद, मिर्जापुर आदि कई जगह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को निरीक्षण करने गयी थीं, सभी जगहों पर अन्य चिकित्सक भले ही नहीं मिले लेकिन आयुष चिकित्सकों की उपस्थिति जरूर मिली। उन्होंने कहा कि आप लोगों की मांगों पर सरकार द्वारा अवश्य विचार करके पूर्ण किया जायेगा, इसके लिए इसे 100 दिनों के अंदर कैबिनेट मेें रखा जायेगा।

वेतन विसंगति, समान वेतन जैसी मांगें हैं शामिल

यह जानकारी देते हुए आयुष वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के संस्थापक डॉ पियूष अवस्थी ने एसोसिएशन की मांगों के विषय में बताया कि आयुष चिकित्सकों की मांगों में वेतन विसंगति दूर करना, समान कार्य के लिए समान वेतन अनुमन्य किया जाना, एनएचएम के संविदा आयुष चिकित्सक एमओसीएच के समान वेतन करने के लिए प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन प्रोग्राम में व्यवस्था करना शामिल है।

दूरदराज के इलाकों में आयुष के होम्यो डॉक्टर को मिले एलोपैथी चिकित्सा का अधिकार

उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश शासन द्वारा किये गये आईएमसी एक्ट 1939 में हुए संशोधन जिसमें आयुर्वेदिक/यूनानी चिकित्सकों को सीमित एलोपैथिक दवाओं के प्रयोग का अधिकार दिया गया है, को एनएचएम में प्रभावी ढंग से लागू करवाने के लिए दिशा-निर्देश देने की मांग की गयी है। इसके साथ ही एनएचएम के होम्योपैथी चिकित्सकों को भी एलोपैथी चिकित्सा देने का अधिकार प्रदान करने की मांग की गयी है ताकि दूरदराज के इलाकों जहां चिकित्सकों की कमी है, वहां वह आयुष चिकित्सक प्रभावी सेवाएं दे सके। डॉ अवस्थी ने बताया कि इसी के साथ ही आयुष चिकित्सकों  मेन स्ट्रीमिंग ऑफ आयुष एवं आरबीएसके के चिकित्सकों के लिए प्रभावी एचआर नीति लागू करने की मांग के साथ ही संविदा नवीनीकरण की व्यवस्था समाप्त करने की भी मांग की गयी है।
अधिवेशन में आयुष डॉक्टर वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के फाउंडर डॉ पियूष अवस्थी, प्रेसीडेंट डॉ शैलेन्द्र योगी, जनरल सेक्रेटरी डॉ एसके अवस्थी, कोषाध्यक्ष डॉ आईएम तव्वाब ने भी अपने विचारों को रखा।