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कैंडिल मार्च के साथ ही सकारात्‍मक वार्ताओं का दौर, अब सिर्फ मंत्री की ‘हां’ का इंतजार

-सीनियर रेजीडेंट्स को सहायक आचार्य का पद देने के मामले पर पीजीआई प्रशासन व शासन का सकारात्‍मक रुख

दूसरे दिन भी विरोध जारी, निकाला कैंडिल मार्च, शुक्रवार को कुछ रेजीडेंट्स रखेंगे उपवास

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन द्वारा सेवा विस्‍तार की स्थिति में सहायक आचार्य के पद देने की मांग को लेकर आज विरोध प्रदर्शन के दूसरे दिन कैंडल मार्च निकाला गया। हालांकि उच्‍चाधिकारियों के साथ वार्ताओं का दौर भी चला लेकिन सारी कवायद अब चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री पर आकर टिक गयी है, एसोसिएशन को उनसे वार्ता का समय नहीं मिल पाया है, चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री द्वारा हरी झंडी मिलते ही इन सीनियर रेजीडेंट्स को नेशनल मेडिकल कमीशन की गाइडलाइंस के अनुसार सहायक आचार्य का पद मिल जायेगा।

इस बारे में एसोसिएशन के अध्‍यक्ष डॉ आकाश माथुर व महासचिव डॉ अनिल गंगवार ने बताया कि आज अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा  से भी दूरभाष के माध्यम से सभी मांगों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई जिसमें उन्होंने सभी मांगों को न्यायोचित मानते हुए उनपर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया, हालांकि यह भी स्पष्‍ट किया कि सभी मांगों पर आखिरी फ़ैसला चिकित्सा शिक्षा मंत्री द्वारा ही किया जाना है।

दूसरी ओर संस्थान के निदेशक डॉ राधाकृष्‍ण धीमन से भी मुलाकातों एवं चर्चाओं के कई दौर में सकारात्मक बातचीत हुई है किंतु ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका क्‍योंकि अंतिम फैसला चिकित्सा शिक्षा मंत्री द्वारा लिए जाने की ही बात सामने आई। नेताद्वय ने बताया कि लगातार कोशिशों के बावजूद भी चिकित्सा शिक्षा मंत्री से मुलाकात का समय रेजीडेंट्स को अभी नहीं मिल सका।

उन्‍होंने बताया कि गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान मरीजों को सेवाएं मिलती रहेंगी तथा किसी भी रूप में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित नहीं की जाएंगी। गांधीवादी विरोध प्रदर्शन की इसी कड़ी में कल एसोसिएशन के कुछ सदस्यों द्वारा उपवास रख विरोध दर्ज कराया जाएगा।

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