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केजीएमयू के चिकित्सक की सलाह मिल सकेगी पीएचसी पर

 

 

उत्तर प्रदेश में 500 ई-पीएचसी खोलने की योजना

 

लखनऊ. स्वास्थ्य सेवाओं को निचले स्तर तक मजबूत करने की दिशा में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय से टेलीमेडिसिन को जोड़ने पर विचार किया जा रहा है. अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में 500 ई-प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने की योजना है। ये प्राथमिक केन्द्र पूरी तरह आनलाइन होंगे।

 

उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ई-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सभी तरह के रोगों का इलाज होगा। साथ ही गम्भीर बीमारी से पीड़ित मरीज टेलीमडिसिन के जरिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह भी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया है कि स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सक के साथ सभी स्टाफ की उपस्थिति बायोमेट्रिक द्वारा दर्ज होगी।  स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अन्तिम घर तक पहुंचाने की कल्पना ‘स्वास्थ्य आपके घर’ के मुहिम की शुरूआत स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण के माध्यम से हो चुकी है। इसी कड़ी में लखनऊ में 2 तथा इलाहाबाद में 1 ई-प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले जा चुके हैं। जल्द ही अन्य जनपदों में भी ई-पीएचसी खोले जायेंगे।

 

श्री सिंह ने बताया कि जिस तरह गैर सरकारी चिकित्सालयों में मरीजों के लिए सुविधाएं होती है, उसी प्रकार सरकारी चिकित्सालयों को भी विकसित किये जाने पर जोर दिया जा रहा है। ई-प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मरीजों की सभी आवश्यक जांच के साथ ही बेहतर इलाज की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। चिकित्सक गम्भीर स्थिति में आन्ध्र प्रदेश के बड़े चिकित्सकों से कन्सल्ट कर मरीज का उपचार कर सकेंगे। इसके अलावा केजीएमयू से भी टेलीमेडिसिन को जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि साधारण मरीजों को यदि समय पर इलाज मिल जाय, तो गम्भीर स्थिति नहीं उत्पन्न हो जायेगी। इसमें पीएचसी की भूमिका अहम होगी। इसलिए पीएचसी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का कार्य किया जा रहा है।

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