Tuesday , June 30 2026

बड़ी संख्या में नर्सिंग संवर्ग के पदों को मनमाने तरीके से किया गया समाप्त !

-राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश ने पत्रकार वार्ता में लगाये गंभीर आरोप

-13 सूत्रीय लंबित मांगों को पूरा न किये जाने पर भी उठाये गये सवाल

सेहत टाइम्स

लखनऊ। राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग संवर्ग के 500 से ज्यादा पदों को बिना किसी नियम, शासनादेश के समाप्त किये जाने का गंभीर आरोप लगाया है। संगठन का यह भी कहना है कि यह पूरी तरह से मनमानी प्रतीत होती है क्योंकि कार्मिक विभाग से भी किसी पद को समाप्त करने के निर्देश नहीं दिये गये हैं।

ये आरोप आज बलरामपुर अस्पताल में राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में लगाये गये। पत्रकार वार्ता में शर्ली भण्डारी (अध्यक्ष), अशोक कुमार, (महामंत्री), गीतान्शु वर्मा, (कोषाध्यक्ष), सत्येन्द्र कुमार, (उपाध्यक्ष), रमा सिह, (संयुक्त मंत्री), विनय सिंह, (आडिटर), स्मिता मौर्या, (कार्यकारणी सदस्य) के साथ ही राजकीय नर्सेस संघ, उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा की अध्यक्ष बीना त्रिपाठी, बलरामपुर चिकित्सालय शाखा की अध्यक्ष अमिता रौष एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। अशोक कुमार ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि 2020 में उप नर्सिंग अधिकारी के कुल 18 पद स्वीकृत थे, परन्तु वर्ष 2026 में सृजित पदों की संख्या घटा कर 06 कर दिया गया है। इसी प्रकार सहायक नर्सिंग अधीक्षक के कुल 310 पद स्वीकृत थे, जिन्हे वर्ष 2026 में घटाकर 262 कर दिया गया। साथ ही सिस्टर के 1469 पदों को वर्ष 2026 तक 1024 कर दिया गया जबकि यह पद प्रोन्नति के पद हैं।

शासन / महानिदेशालय के पास जवाब नहीं

उन्होंने कहा कि शासन / महानिदेशालय द्वारा किस आधार पर या किस शासनादेश द्वारा पदों को घटाते हुये समाप्त किया गया है, इसका उत्तर महानिदेशालय से लेकर शासन तक किसी के पास उपलब्ध नहीं है। शासन द्वारा प्रदेश के अधिकांश जिला चिकित्सालय (पुरुष/महिला) / संयुक्त चिकित्सालय को स्वशासी राजकीय चिकित्सालय / महाविद्यालय (राजकीय मेडिकल कालेज) के रूप में परिवर्तित कर दिये गये। अशोक कुमार ने कहा कि स्वशासी राजकीय चिकित्सालयों में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा पद सृजित हैं, परन्तु शासन/प्रशासन द्वारा सृजित पदों के सापेक्ष नियुक्ति/प्रोन्नति कर चिकित्सालयों को संतृप्त नहीं किया जा रहा है, जिससे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग / चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत नर्सिंग सवर्ग के कार्मिकों पर अत्यधि दबाव उत्पन्न हो रहा है।

आश्वासन के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही

पत्रकार वार्ता में लम्बे समय से लंबित मांगों पर कार्रवाई न किये जाने पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि 8 नवम्बर, 2025 राजकीय नसंस संघ के अधिवेशन में संघ द्वारा 13 सूत्रीय बिन्दुओं का मांग पत्र उपमुख्यमंत्री को प्रस्तुत किया गया था, जिस पर बिन्दु सं0-1, 4, 10, 11, एवं 13 पर कार्यवाही किये जाने की घोषणा की गयी थी। एक माह बाद राजकीय नर्सेज संघ, उ०प्र० द्वारा पुनः 16.12.2025 को 13 सूत्रीय औचित्यपूर्ण मांगो एवं समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुये आवश्यक शासकीय एवं विभागीय आदेश निर्गत किये जाने का अनुरोध मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें, उत्तर प्रदेश शासन से करने का अनुरोध किया गया था। अशोक कुमार ने कहा कि शासन में 2 फरवरी, 2026 की बैठक में बिन्दु सं0-1, 04, 10, 11, एवं 13 पर सहमति व्यक्त करते हुये आवश्यक कार्यवाही किये जाने का आश्वासन दिया गया, परन्तु अभी उक्त बैठक में लिये गये निर्णय के अनुकम में संघ की 13 सूत्रीय मांगों पर आवश्यक कार्यवाही नहीं की गयीं, जिससे नर्सिंग संवर्ग के अन्तर्गत कार्यरत समस्त कार्मिकों में रोष व्याप्त है।